Terraform Magnum Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹4.16 लाख** का प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी घाटे में थी। हालांकि, रियल एस्टेट ऑपरेशंस अभी तक शुरू नहीं हुए हैं और कंपनी के सामने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) को लेकर भी चुनौतियां बरकरार हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का सच
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में ₹4.16 लाख का नेट प्रॉफिट दिखाया है, जो पिछले साल के ₹8.54 लाख के नुकसान से बेहतर है। कंपनी ने साफ किया है कि यह मुनाफा कोर रियल एस्टेट बिजनेस से नहीं, बल्कि अन्य इनकम से आया है। कंपनी की कुल इनकम ₹11.16 लाख रही, जबकि खर्च ₹6.99 लाख के आसपास रहे।
ऑडिटर का इस्तीफा और AGM पर नजर
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर 4 अगस्त 2026 को M/s. J. D. Zatakia & Co. ने ऑडिटर पद से इस्तीफा दे दिया है। अब कंपनी ने M/s. Ankit Goyanka & Associates को नए ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। इस पर अंतिम मुहर 28 सितंबर 2026 को होने वाली 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में लगेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risk Factors)
कंपनी की स्थिति अभी भी नाजुक है। ऑडिट रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' के जरिए कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' क्षमता पर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि कंपनी के जमा हुए नुकसान (Accumulated Losses) उसकी नेट वर्थ से ज्यादा हो गए हैं। इसके अलावा, कांदिवली (ईस्ट) में प्रॉपर्टी राइट्स को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है, जिसका नतीजा कंपनी के भविष्य के लिए बेहद अहम होगा।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों की निगाहें AGM पर टिकी हैं। ऑडिटर की नियुक्ति के अलावा, कंपनी अपने रियल एस्टेट ऑपरेशंस को कब से शुरू करेगी, मैनेजमेंट के इस रोडमैप पर सबकी नजर रहेगी, क्योंकि असल वैल्यू क्रिएशन वहीं से संभव है।
