Tarmat Ltd के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने Q1 FY27 में ₹1.53 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹0.69 करोड़ से काफी ज्यादा है। इसके साथ ही, कंपनी ने रियल एस्टेट सेक्टर में उतरने की नई रणनीति को भी मंजूरी दी है।
Tarmat Ltd की दमदार परफॉरमेंस, रियल एस्टेट में एंट्री
Tarmat Ltd ने पहली तिमाही (Q1 FY2027) के अन-ऑडिटेड नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹1.53 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) कमाया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹0.69 करोड़ की तुलना में जबरदस्त उछाल है। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स भी बढ़कर ₹35.81 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹24.94 करोड़ था।
बोर्ड ने लिए बड़े फैसले
नतीजों के साथ-साथ, बोर्ड ने मैनेजमेंट में भी अहम बदलावों को मंजूरी दी है। दिलीप वर्गीस को मैनेजिंग डायरेक्टर और अमित शाह को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर तीन साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है। कृष्ण कुमार किनरा को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर पांच साल के दूसरे टर्म के लिए चुना गया है। कंपनी के ऑडिटर, हेगडे एंड एसोसिएट्स, को भी शेयरहोल्डर की मंजूरी के बाद पांच साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है।
रियल एस्टेट में रणनीतिक कदम
कंपनी ने अब रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी डेवलपमेंट के क्षेत्र में उतरने का फैसला किया है। यह कदम Tarmat Ltd के लिए एक बड़ा स्ट्रैटेजिक शिफ्ट है, जिसका मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन के साथ-साथ रियल एस्टेट से भी कमाई के नए रास्ते खोलना है।
ऑडिटर की चिंताएं
हालांकि, नतीजों के साथ एक चिंता की बात भी सामने आई है। ऑडिटर की रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' सेक्शन में जॉइंट वेंचर 'Backbone-Tarmat-Alfaraa' के बारे में चिंता जताई गई है। ऑडिटर इस एंटिटी से जरूरी फाइनेंशियल जानकारी हासिल नहीं कर पाए हैं, जिस कारण वे Tarmat के इसमें ₹7.83 करोड़ के इन्वेस्टमेंट के कैरिंग वैल्यू का सही आकलन नहीं कर पा रहे हैं। इसका असर कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी के नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की प्रगति और उनके नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, जॉइंट वेंचर इन्वेस्टमेंट को लेकर ऑडिटर की चिंताओं का समाधान भी कंपनी की पारदर्शिता और वैल्यूएशन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
