Suryo Foods & Industries का बिजनेस मॉडल पूरी तरह बदलने वाला है। कंपनी ने FY26 में कोई ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज नहीं किया है और इसे **₹3.18 लाख** का नेट लॉस हुआ है। अब कंपनी **₹200 करोड़** का कर्ज लेकर **176 एकड़** जमीन पर इंडस्ट्रियल पार्क और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स बनाने की योजना बना रही है।
मुनाफे के बजाय घाटा और बिजनेस में बदलाव
लगातार दूसरे साल कंपनी का ऑपरेशनल कामकाज ठप रहा है। FY26 में कंपनी की कुल इनकम ₹5.48 लाख रही, जबकि खर्च ₹8.35 लाख तक पहुंच गए, जिससे कंपनी को ₹3.18 लाख का नेट लॉस उठाना पड़ा। अब कंपनी अपनी निष्क्रिय स्थिति से बाहर निकलकर लैंड मोनेटाइजेशन (Land Monetization) की राह पर चल पड़ी है।
क्या है मास्टर प्लान?
कंपनी ने 28 सितंबर, 2026 को होने वाली अपनी 37वीं AGM में शेयरहोल्डर्स से ₹200 करोड़ तक कर्ज लेने की मंजूरी मांगी है। इन फंड्स का इस्तेमाल ओडिशा में 167 एकड़ में इंडस्ट्रियल पार्क और 9.33 एकड़ में रेजिडेंशियल-कमर्शियल प्रोजेक्ट्स विकसित करने के लिए किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट Suryo Udyog Ltd और Golden Anchor Pvt Ltd के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए पूरा किया जाएगा।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
कंपनी में बड़े स्तर पर फेरबदल भी हुए हैं। CFO Bijay Kumar Dash के इस्तीफे के बाद, 10 अगस्त, 2026 से Rajiv Kumar Moharana ने नया कार्यभार संभाल लिया है। साथ ही, कंपनी के ऑडिटर M/s. Sanjit Mohanty & Co. ने फाइनेंशियल नतीजों पर क्लीन रिपोर्ट दी है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब AGM में कर्ज लेने के प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग पर कड़ी नजर रखनी होगी। कंपनी का पूरा भविष्य अब इसी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की सफलता पर टिका है।
