Suratwwala Business Group Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 बेहद शानदार रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **298%** बढ़कर **₹142.99 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹37.9 करोड़** के आंकड़े को पार कर गया है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
कंपनी के नतीजों में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले कंपनी का मुनाफा ₹11.04 करोड़ से बढ़कर ₹37.9 करोड़ हो गया है। इस दमदार परफॉर्मेंस के चलते बोर्ड ने 12% फाइनल डिविडेंड (प्रति शेयर ₹0.12) देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे 23 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में मंजूरी दी जाएगी।
दो इंजन वाली ग्रोथ स्ट्रेटजी
कंपनी की सफलता के पीछे उसका डायवर्सिफिकेशन है। पुणे में उनके रियल एस्टेट TOD (Transit Oriented Development) प्रोजेक्ट्स ने ₹89.29 करोड़ का योगदान दिया, वहीं सोलर EPC सब्सिडियरी 'Suratwwala Natural Energy Resource Private Limited' से ₹54.49 करोड़ की कमाई हुई। यह कुल रेवेन्यू का लगभग 38% है, जो रियल एस्टेट के उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत सहारा बना है।
ऑपरेशनल हेल्थ और बैलेंस शीट
कंपनी की आर्थिक स्थिति काफी संतुलित है। इनका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.8x से कम है। कुल ग्रुप डेट लगभग ₹83 करोड़ है, जबकि नेट वर्थ ₹110.41 करोड़ है। पुणे के पास कंपनी के पास 180 एकड़ का लैंड बैंक है और सोलर सेगमेंट में ₹93 करोड़ की ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय के लिए रेवेन्यू की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है।
निवेशकों के लिए सतर्क रहने वाले बिंदु
निवेशकों को कंपनी के 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस' पर नजर रखनी चाहिए, खासकर 'Suratwwala Properties LLP' और सोलर सब्सिडियरी के साथ होने वाले सौदों पर, जिसके लिए कंपनी ने ₹125 करोड़ और ₹50 करोड़ तक की मंजूरी मांगी है। साथ ही, पुणे के कॉम्पिटिटिव मार्केट में मार्जिन बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है।
आगे की राह
अब कंपनी का फोकस लैंड एक्विजिशन से हटकर अपने प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो के मॉनेटाइजेशन पर है। आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स से होने वाली कलेक्शन और सोलर ऑर्डर बुक का एग्जीक्यूशन ही फाइनेंशियल ईयर 2027 की कमाई की दिशा तय करेगा।
