रियल एस्टेट की चमक में टेक्सटाइल का अंधेरा!
श्री रामकृष्ण मिल्स ने हाल ही में अपने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹30.20 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस जोरदार प्रदर्शन का मुख्य कारण कंपनी के रियल एस्टेट सेगमेंट में हुआ एक बड़ा जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (Joint Development Agreement) बताया जा रहा है। इस डील से कंपनी को भारी कमाई हुई है, जिसने ओवरऑल मुनाफे को आसमान पर पहुंचा दिया है।
टेक्सटाइल बिजनेस पर संकट?
लेकिन, सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि कंपनी का पारंपरिक टेक्सटाइल बिजनेस इस बार घाटे में रहा। वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में टेक्सटाइल सेगमेंट ने ₹1.63 करोड़ का शुद्ध नुकसान दर्ज किया है। यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि यह दिखाता है कि कंपनी अपनी मुनाफे के लिए कितनी हद तक अपनी जमीन की बिक्री और डेवलपमेंट पर निर्भर है। ऐसे में, भविष्य में कंपनी के स्थायी बिजनेस ग्रोथ पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
ऑडिटर की राय
अच्छी खबर यह है कि कंपनी के ऑडिटर ने वित्तीय नतीजों पर अपनी बिना शर्त राय (unmodified opinion) दी है, जिसका मतलब है कि उन्हें नतीजों में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है।
