Sri Lotus Developers की लेटेस्ट मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि कंपनी के पास **₹248.92 करोड़** का IPO फंड अभी भी इस्तेमाल नहीं हुआ है। रिपोर्ट में प्रोजेक्ट में देरी और बिना बताए फंड को सब्सिडियरी अकाउंट्स में डालने का मामला सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
CARE Ratings द्वारा तैयार की गई मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के ₹792 करोड़ के कुल IPO का ₹543.08 करोड़ हिस्सा ही अब तक इस्तेमाल हो पाया है। दूसरी तिमाही के अंत तक ₹248.92 करोड़ की राशि अभी भी बिना उपयोग के बची हुई है।
क्यों है यह निवेशकों के लिए चिंता का विषय?
रिपोर्ट में कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं:
- प्रोजेक्ट डिले: 'General Corporate Purposes' के लिए निर्धारित फंड के इस्तेमाल में 162 दिनों की देरी दर्ज की गई है, जो फरवरी 2026 की रिवाइज्ड टाइमलाइन के मुताबिक है।
- अनडिस्क्लोज्ड फंड: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ₹19.93 करोड़ का फंड कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों—Richfeel Real Estate, Dhyan Projects और Tryksha Real Estate—के खातों में रखा गया है, जिसका खुलासा ओरिजिनल ऑफर डॉक्यूमेंट में नहीं किया गया था।
मैनेजमेंट की चुप्पी
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि मॉनिटरिंग एजेंसी द्वारा उठाए गए सवालों पर कंपनी मैनेजमेंट ने 'नो कमेंट्स' (कोई जवाब नहीं) दिया है। फंड के इस तरह से डायवर्जन और टाइमलाइन में चूक को लेकर मैनेजमेंट की चुप्पी ने निवेशकों के बीच गवर्नेंस को लेकर संदेह पैदा कर दिया है। अब निवेशकों की नजरें कंपनी द्वारा एक्सचेंज में दी जाने वाली अगली सफाई पर टिकी हैं।
