Square Four Projects India Ltd के लिए FY26 का फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड लॉस बढ़कर **₹28.21 लाख** हो गया है, जो पिछले साल **₹7.78 लाख** था। कंपनी का रियल एस्टेट कारोबार फिलहाल बंद है और कमाई सिर्फ इंटरेस्ट इनकम पर टिकी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड लेवल पर नुकसान में बढ़ोतरी साफ देखी जा सकती है। स्टैंडअलोन मुनाफे की बात करें तो इसमें 56% की भारी गिरावट आई है, जो घटकर ₹9.73 लाख रह गया है, जबकि पिछले साल यह ₹22.24 लाख था। इसके अलावा, कंपनी को BSE के पास शेयरहोल्डिंग पैटर्न दाखिल करने में देरी के लिए ₹21,240 का जुर्माना भी भरना पड़ा है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और रिस्क
कंपनी के ऑडिटर्स M/s. P A R V & Associates ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। मुख्य चिंता ₹39.50 लाख के अनकोटेड इन्वेस्टमेंट के वैल्यूएशन को लेकर है, जो Ind AS नियमों का पालन नहीं करते। ऑडिट में कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में 'मटेरियल वीकनेस' (गंभीर खामियां) पाई गई हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी पर रिस्क काफी ज्यादा है। कंपनी के कुल इंटर-कॉरपोरेट लोन का 93.99% हिस्सा (कुल ₹523.07 लाख) सिर्फ एक संबंधित पार्टी, BRC Construction Co. Private Limited से जुड़ा है। कंपनी का भविष्य प्रमोटर सपोर्ट और बंद पड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के दोबारा शुरू होने पर निर्भर है।
आगे क्या?
शेयरधारकों की निगाहें 24 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर हैं, जहां डायरेक्टर सोमनाथ सामंत की री-अपॉइंटमेंट पर चर्चा होगी। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या मैनेजमेंट भविष्य में इंटरनल कंट्रोल की कमियों को दूर कर पाता है या नहीं।
