Smartworks Coworking Spaces ने घाटे से बाहर आते हुए FY26 में **₹10.52 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी ने अपनी पहुंच बढ़ाते हुए **16.1 मिलियन** स्क्वायर फीट का विस्तार कर लिया है और भविष्य में डिविडेंड देने की राह साफ करने के लिए कैपिटल रिडक्शन प्लान पेश किया है।
मुनाफे में बदली कंपनी की तस्वीर
Smartworks Coworking Spaces ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी पिछले साल हुए ₹63.17 करोड़ के भारी नुकसान से उबरकर ₹10.52 करोड़ के नेट प्रॉफिट पर आ गई है। कंपनी का रेवेन्यू 31% बढ़कर ₹1,795.8 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि नॉर्मलाइज्ड EBITDA 75% के उछाल के साथ ₹314.39 करोड़ रहा है, और मार्जिन 17.5% पर पहुंच गया है।
बिजनेस मॉडल में मजबूती
कंपनी अब नेट-डेट-नेगेटिव स्थिति में है, यानी उसके पास ₹56.13 करोड़ का कैश सरप्लस है। Smartworks ने 15 शहरों में 10 मिलियन स्क्वायर फीट से अधिक का ऑपरेशनल स्पेस बना लिया है, जहां 775 बड़े कॉरपोरेट क्लाइंट्स और फॉर्च्यून 500 कंपनियां अपनी सर्विस ले रही हैं।
डिविडेंड और भविष्य की तैयारी
कंपनी के मैनेजमेंट ने ₹385.6 करोड़ के सिक्योरिटी प्रीमियम अकाउंट का उपयोग करके पुराने नुकसानों को खत्म करने का फैसला किया है। यह एक नॉन-कैश बैलेंस शीट एक्सरसाइज है, जो भविष्य में डिविडेंड बांटने के लिए रास्ता साफ करेगी। साथ ही, कंपनी ने विस्तार के लिए ₹800 करोड़ तक की उधारी की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों की निगाहें अब 22 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर हैं। इसमें कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग और नए स्वतंत्र निदेशकों, दिलीप देशमुख और राजीव कृष्णमुरलीलाल अग्रवाल की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है।
