Shriram Properties ने FY26 में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पहली बार **₹100 करोड़** के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि रेवेन्यू में **39%** की भारी उछाल देखी गई है।
मुनाफे का नया कीर्तिमान
Shriram Properties के लिए FY26 का साल ऐतिहासिक रहा है। कंपनी ने अपना नेट प्रॉफिट ₹100.81 करोड़ दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹77.30 करोड़ से काफी बेहतर है। इस दौरान कंपनी की कुल इनकम ₹1,356.93 करोड़ रही। कंपनी ने 8 प्रोजेक्ट्स में 3,465 यूनिट्स की डिलीवरी दी है, जो लगभग 40 लाख स्क्वायर फीट के बराबर है।
बैलेंस शीट में दम
खास बात यह है कि इतनी आक्रामक विस्तार नीतियों के बावजूद कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.30x पर नियंत्रित है, जो बेहतरीन मैनेजमेंट का सबूत है। कंपनी ने ₹3,500 करोड़ की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू वाले 7 नए प्रोजेक्ट्स अपने पोर्टफोलियो में जोड़े हैं।
आगे की राह और चुनौतियां
कंपनी अपनी 'कैपिटल-लाइट' बिजनेस मॉडल पर काम कर रही है, जिसके तहत JDA (जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट) और JV (जॉइंट वेंचर) के जरिए विस्तार किया जा रहा है। पुणे जैसे नए बाजारों में एंट्री के बाद कंपनी का टोटल पाइपलाइन 1.87 करोड़ स्क्वायर फीट तक पहुंच गया है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:
- रेगुलेटरी देरी: ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) और ई-खाता (e-Khata) जैसी प्रक्रियाओं में देरी रेवेन्यू रिकग्निशन की रफ्तार को धीमा कर सकती है।
- मार्केट रिस्क: कंस्ट्रक्शन इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों में बदलाव मार्जिन पर असर डाल सकते हैं।
