Shipping Corporation of India Land and Assets: ₹28.82 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Shipping Corporation of India Land and Assets: ₹28.82 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान!

Shipping Corporation of India Land and Assets Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹28.82 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। पिछले साल कंपनी को **₹189.38 करोड़** का भारी घाटा हुआ था। कंपनी ने **₹0.55** प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

Shipping Corporation of India Land and Assets का शानदार टर्नअराउंड

Shipping Corporation of India Land and Assets Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹28.82 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर में हुए ₹189.38 करोड़ के नेट लॉस की तुलना में एक बड़ी रिकवरी है।

**शेयरधारकों के लिए क्या खास?

मुनाफे में वापसी शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर है। कंपनी अपने डी-मर्जर के बाद एसेट्स को मैनेज करने पर फोकस कर रही है। इसका लक्ष्य नॉन-कोर एसेट्स को सरकारी संस्थाओं और PSUs को लीज पर देकर स्टेबल रेंटल इनकम जेनरेट करना है। इसके अलावा, मैरीटाइम ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MTI) भी एमओयू के जरिए स्किल डेवलपमेंट पर काम कर रहा है।

**यह सब कैसे हुआ?

कंपनी के नतीजों के अनुसार, ऑपरेटिंग इनकम ₹23.30 करोड़ रही, जो पिछले साल के ₹18.30 करोड़ से ज्यादा है। वहीं, कुल इनकम बढ़कर ₹106.77 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹103.35 करोड़ थी। पिछले साल बड़ा घाटा मुख्य रूप से लैंड एसेट्स से जुड़े ₹238.34 करोड़ के एक बड़े वन-टाइम डेफेर्ड टैक्स चार्ज के कारण था, जो इस साल नहीं लगा।

**आगे क्या?

कंपनी ने अपनी 5वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 21 सितंबर, 2026 को बुलाई है। इसमें फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹0.55 प्रति इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹10) के प्रस्तावित डिविडेंड पर वोटिंग होगी।

**जोखिम पर एक नज़र

हालांकि, कंपनी के सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में कुछ चिंताजनक बातें सामने आई हैं। इनमें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी, वुमन डायरेक्टर का न होना और कमेटियों (ऑडिट, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन, स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप) का ठीक से गठित न होना शामिल है। मैनेजमेंट का कहना है कि ये समस्याएं सरकारी नियुक्तियों में देरी के कारण हैं।

**आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को बोर्ड और कमेटी स्तर पर पहचान की गई गवर्नेंस और कंप्लायंस से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की एसेट मोनेटाइजेशन और रेंटल इनकम जेनरेट करने की परफॉरमेंस पर भी ध्यान देना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.