Shekhawati Industries: 'अन्य आय' के सहारे मुनाफा दोगुना, टेक्सटाइल सेगमेंट घाटे में

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AuthorNeha Patil|Published at:
Shekhawati Industries: 'अन्य आय' के सहारे मुनाफा दोगुना, टेक्सटाइल सेगमेंट घाटे में

Shekhawati Industries ने Q1 FY27 में **₹6.37 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के **₹2.81 करोड़** से काफी ज्यादा है। हालांकि, यह बढ़त मुख्य रूप से **₹8.22 करोड़** की 'अन्य आय' के कारण है, जिसमें लायबिलिटी राइट-बैक शामिल हैं, न कि कंपनी के मुख्य कामकाज से। टेक्सटाइल सेगमेंट ने घाटा दिखाया है और रेवेन्यू भी कम रहा है, जबकि कंपनी ने रियल एस्टेट डेवलपमेंट के लिए **₹7.26 करोड़** की ज़मीन खरीदी है।

Shekhawati Industries का Q1 FY27 नतीजा: 'अन्य आय' ने बढ़ाया मुनाफा

नेट प्रॉफिट: ₹6.37 करोड़ | ऑपरेशंस से रेवेन्यू: ₹1.53 करोड़

निवेशकों के लिए खास: मुनाफा एकमुश्त आय से बढ़ा, टेक्सटाइल सेक्टर में मुश्किलों के बीच रियल एस्टेट में बड़ा कदम।

**क्या हुआ?

Shekhawati Industries ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (जून 2026 में समाप्त) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹6.37 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2.81 करोड़ की तुलना में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू घटकर ₹1.53 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹3.00 करोड़ था।

**यह क्यों महत्वपूर्ण है?

मुनाफे में आई यह उछाल मुख्य रूप से ₹8.22 करोड़ की 'अन्य आय' (Other Income) के कारण है। इसमें ₹7.35 करोड़ की देनदारियों (liabilities) का राइट-बैक शामिल है, जो अब देय नहीं थीं। साथ ही, ₹0.40 करोड़ का निवेश पर फेयर वैल्यू गेन भी जुड़ा है। यह आय एकमुश्त (non-recurring) है, जिसका मतलब है कि कंपनी के मुख्य कारोबारी ऑपरेशंस से मुनाफा नहीं बढ़ा है।

**पृष्ठभूमि क्या है?

कंपनी का टेक्सटाइल बिजनेस इस समय काफी दबाव में है। Q1 FY27 में, टेक्सटाइल सेगमेंट ने ₹1.53 करोड़ का रेवेन्यू और ₹0.67 करोड़ का घाटा दर्ज किया। यह पिछले साल की पहली तिमाही के ₹3.00 करोड़ के रेवेन्यू से कम है। कंपनी अब रणनीतिक तौर पर रियल एस्टेट डेवलपमेंट की ओर बढ़ रही है।

**अब क्या बदलेगा?

Shekhawati Industries ने रियल एस्टेट डेवलपमेंट के लिए कर्जत (Karjat) में ज़मीन खरीदने पर ₹7.26 करोड़ का निवेश किया है। यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कंपनी की स्पष्ट मंशा दिखाता है, ताकि टेक्सटाइल बिजनेस के कमजोर प्रदर्शन की भरपाई की जा सके।

**जोखिम क्या हैं?

निवेशकों को कंपनी के मौजूदा मुनाफे के स्तर को लेकर सावधान रहना चाहिए, क्योंकि यह एकमुश्त आय पर काफी निर्भर है। टेक्सटाइल सेगमेंट में लगातार कमजोरी, जो घाटे और घटते रेवेन्यू से जाहिर हो रही है, एक बड़ा चिंता का विषय बनी हुई है।

**आगे क्या देखें?

निवेशकों को Shekhawati Industries के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की प्रगति और टेक्सटाइल सेगमेंट में किसी भी सुधार या और गिरावट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंपनी की रणनीतिक दिशा में बदलाव की सफलता का आकलन भविष्य की कमाई के आधार पर ही किया जा सकेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.