IPO के बाद पहली बार अपने तिमाही नतीजे पेश करते हुए Runwal Enterprises ने मजबूत शुरुआत की है। कंपनी की Pre-sales में **5%** का उछाल आया है और IPO फंड्स के जरिए कर्ज को कम कर कंपनी ने अपने फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को बेहतर किया है।
मुनाफे के बजाय ऑपरेशंस पर है फोकस
Runwal Enterprises ने Q1 FY27 के दौरान ₹483.5 करोड़ की Pre-sales और ₹575.4 करोड़ का कलेक्शन दर्ज किया है। ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹340 करोड़ रहा। कंपनी का रेवेन्यू रिकग्निशन मॉडल 'प्रोजेक्ट कंप्लीशन' पर आधारित है, जिसका मतलब है कि कमाई तभी बुक होती है जब ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) मिल जाता है। इसी कारण तिमाही नतीजों में उतार-चढ़ाव दिख सकता है।
कर्ज में बड़ी कटौती (Aggressive Deleveraging)
कंपनी ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। IPO से मिले फंड और डिबेंचर्स को इक्विटी में बदलने की मदद से, कंपनी ने अपना Debt-to-Equity रेशियो जो FY26 के अंत में 3.1x था, उसे घटाकर 1.5x पर ला दिया है। अब कंपनी का कुल बाहरी कर्ज घटकर ₹1,900 करोड़ रह गया है।
आगे का रास्ता (Growth Strategy)
मैनेजमेंट अगले 3 साल में 20-25% का Pre-sales CAGR हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। कंपनी का फोकस अब मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में प्रीमियम और मिड-इनकम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर शिफ्ट हो रहा है। साथ ही, डोम्बिवली (Dombivli) में 18 एकड़ जमीन को डेटा सेंटर के लिए मॉनेटाइज करने की भी योजना है, जिससे कर्ज में और कमी आएगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि कंपनी की ग्रोथ अच्छी दिख रही है, लेकिन सरकारी मंजूरियों (Government Approvals) पर निर्भरता एक बड़ा रिस्क बनी हुई है। निवेशकों को कंपनी के प्रॉफिट पर नजर रखने के बजाय Pre-sales और कलेक्शन जैसे ऑपरेशनल आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। आगे Runwal BKC और Nexus Runwal Garden City Mall के पूरा होने पर भी बाजार की नजर रहेगी, क्योंकि ये आने वाले 30 महीनों में कंपनी की रेंटल इनकम को बढ़ाएंगे।
