Real Growth Corporation के FY26 नतीजे काफी कमजोर रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹3.87 करोड़** और नेट प्रॉफिट सिमटकर महज **₹0.77 करोड़** रह गया है, वहीं **₹99.83 करोड़** की टैक्स देनदारियां निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क बनी हुई हैं।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में इस बार भारी गिरावट देखी गई है। पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹8.61 करोड़ के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू गिरकर ₹3.87 करोड़ पर आ गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में तो और भी बड़ी सुस्ती दिखी है, जो पिछले साल के ₹7.28 करोड़ से लुढ़ककर मात्र ₹0.77 करोड़ रह गया है। इसका असर कंपनी के EPS (Earnings Per Share) पर भी पड़ा है, जो ₹18.19 से घटकर ₹1.94 पर आ गया है।
कारोबार की स्थिति
कंपनी का मुख्य रेवेन्यू रियल एस्टेट और कमर्शियल इन्वेंट्री की बिक्री से आता है। हालांकि, इस साल 'ट्रेडिंग बिजनेस' सेगमेंट से कंपनी को कोई रेवेन्यू नहीं मिला। मैनेजमेंट का कहना है कि मार्केट की खराब स्थितियों के कारण यह सेगमेंट पूरी तरह से सुस्त रहा। साथ ही, निवेशकों को इस बार कोई डिविडेंड नहीं मिला है।
मैनेजमेंट में बदलाव
बोर्ड ने कई अहम बदलाव किए हैं। संजय कुमार झा को होल-टाइम डायरेक्टर और नीलू कपूर को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। राजेश गोयल को दोबारा डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है, जबकि दीपक गुप्ता ने 6 अगस्त, 2026 से अपना पद छोड़ दिया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी: टैक्स विवाद
कंपनी पर इस समय ₹99.83 करोड़ की विवादित सरकारी मांगें (Statutory Demands) पेंडिंग हैं। इसमें ₹22.31 करोड़ का इनकम टैक्स और ₹76.40 करोड़ की GST देनदारियां शामिल हैं। कंपनी ने इन मामलों में कानूनी अपील की है, लेकिन अभी तक कोई प्रोविजन नहीं बनाया गया है। अब निवेशकों की नजर इन कानूनी मामलों के नतीजों और नई मैनेजमेंट टीम की रणनीति पर होगी।
