Raymond Realty ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर **₹2,990.79 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में भारी उछाल के साथ यह **₹304.59 करोड़** पर पहुंच गया। कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए **20%** का पहला डिविडेंड भी घोषित किया है।
डी-मर्जर के बाद पहली बार जोरदार प्रदर्शन
Raymond Realty ने अपनी लिस्टिंग के बाद पहले पूरे वित्तीय वर्ष में कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी ने बताया कि FY26 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,990.79 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹565.18 करोड़ की तुलना में काफी ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹304.59 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह सिर्फ ₹17.77 करोड़ था। यह नतीजे बताते हैं कि एक स्वतंत्र रियल एस्टेट कंपनी के तौर पर Raymond Realty की शुरुआत काफी मजबूत रही है।
क्यों खास हैं ये नतीजे?
ये नतीजे Raymond Realty के एक शुद्ध रियल एस्टेट डेवलपर के रूप में सफल परिवर्तन को दर्शाते हैं। रेवेन्यू और प्रॉफिट में इतनी बड़ी वृद्धि कंपनी की कार्यकुशलता और मजबूत बिजनेस मॉडल को दिखाती है। कंपनी ने ग्राहकों से ₹1,725 करोड़ की कलेक्शन की है और ₹42,000 करोड़ का मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन बनाए रखा है, जो भविष्य में ग्रोथ की ओर इशारा करता है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने 20% (यानी ₹2 प्रति शेयर) का पहला डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जो मैनेजमेंट का शेयरधारकों के प्रति विश्वास दिखाता है।
कंपनी की बैकस्टोरी
Raymond Realty को Raymond Ltd से अलग करके FY 2025-26 में ही लिस्ट किया गया था। यह पहला वित्तीय वर्ष है जब कंपनी एक स्वतंत्र इकाई के तौर पर पूरी तरह से काम कर रही है। कंपनी की रणनीति का मुख्य फोकस अपनी जमीन के पोर्टफोलियो का विस्तार करना और ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट्स (JDAs) के जरिए कैपिटल-लाइट मॉडल अपनाना रहा है।
भविष्य की राह
अब एक स्वतंत्र कंपनी के तौर पर, Raymond Realty पूरी तरह से रियल एस्टेट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। निवेशक अब कंपनी के प्रदर्शन का मूल्यांकन उसके अपने लक्ष्यों और बाजार में अमल के आधार पर कर पाएंगे। डी-मर्जर के बाद मिली शुरुआती सफलता कंपनी को आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है, खासकर मुंबई के महाम (Mahim) और कांदिवली (Kandivali) जैसे प्रमुख इलाकों में नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने में।
जोखिम क्या हैं?
आगे चलकर कंपनी को अपने मार्जिन को बनाए रखने और JDAs को समय पर पूरा करने की चुनौती होगी। महाम और कांदिवली जैसे इलाकों में प्रोजेक्ट्स का सफल लॉन्च महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखते हुए अपने कर्ज और इक्विटी के अनुपात को संतुलित रखना भी प्रबंधन के लिए एक अहम काम रहेगा।
तुलनात्मक स्थिति
FY26 के प्रदर्शन के साथ, Raymond Realty रियल एस्टेट सेक्टर के अन्य तेजी से बढ़ते डेवलपर्स की कतार में खड़ी हो गई है। इसका कैपिटल-लाइट JDA मॉडल और ठाणे (Thane) व मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (Mumbai Metropolitan Region) में विस्तार इसे उन प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है जो सीधे जमीन खरीदकर प्रोजेक्ट डेवलप करते हैं।
महत्वपूर्ण नंबर्स (FY26)
- एनुअल प्री-सेल्स बुकिंग वैल्यू: ₹3,023 करोड़
- कस्टमर कलेक्शंस: ₹1,725 करोड़
- स्टैंडअलोन नेट डेट (31 मार्च 2026 तक): ₹656 करोड़
- डेट-टू-इक्विटी रेशियो (रियल एस्टेट बिजनेस): 0.6x
- GDV पाइपलाइन: ₹42,000 करोड़
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजर अब कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च, खासकर महाम और कांदिवली में, और JDA के माध्यम से एसेट-लाइट ग्रोथ की रणनीति पर बनी रहेगी। साथ ही, कंपनी के कर्ज के स्तर और वित्तीय अनुशासन पर भी नजर रखी जाएगी।
