Radhe Developers India Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **140%** से ज्यादा बढ़कर **₹324.35 लाख** हो गया है, जबकि रेवेन्यू में **45%** की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने प्रमोटर्स के लोन को इक्विटी में भी बदला है।
Radhe Developers India Ltd के FY26 के नतीजे
Radhe Developers India Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपना नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹324.35 लाख दर्ज किया है। यह पिछले साल के ₹134.60 लाख की तुलना में 140% से भी ज्यादा की जबरदस्त बढ़ोतरी है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 45% का इजाफा हुआ और यह ₹1110.84 लाख तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹765.81 लाख था।
निवेशकों के लिए अहम: दमदार प्रॉफिट ग्रोथ और इक्विटी कन्वर्जन से कर्ज में कमी अच्छी बात है, लेकिन प्रोजेक्ट से जुड़ा केस एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।
क्या हुआ?
Radhe Developers India Ltd ने FY 2025-26 के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा की है। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 140% से ज्यादा बढ़कर ₹324.35 लाख हो गया, जिसका मुख्य कारण रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 45% की वृद्धि रही, जो ₹1110.84 लाख तक पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी ने ₹2.55 प्रति शेयर के भाव पर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए प्रमोटर्स के लगभग ₹6.41 करोड़ के असुरक्षित लोन को इक्विटी में बदल दिया है।
यह क्यों मायने रखता है?
मुनाफे में यह भारी बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में अच्छी मांग का संकेत देती है। प्रमोटर्स के लोन को इक्विटी में बदलने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है। इससे कर्ज का बोझ कम हुआ है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो में सुधार हुआ है, जो शेयरधारकों के लिए फायदेमंद है।
पिछली कहानी
FY 2024-25 में, कंपनी ने ₹765.81 लाख के रेवेन्यू पर ₹134.60 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। FY26 के दौरान, कंपनी के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स में बदलाव देखे गए, जहां कुछ के कार्यकाल समाप्त हुए और नए नियुक्त किए गए। M/s. S. Parth & Co. को स्टेट्यूटरी ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया गया।
अब क्या बदलेगा?
प्रमोटर लोन से इक्विटी में यह कन्वर्जन कंपनी की वित्तीय संरचना को डि-रिस्क करने का एक प्रयास है। नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स और ऑडिटर की नियुक्ति गवर्नेंस और कंप्लायंस के प्रयासों को जारी रखने का संकेत देती है।
जोखिम जिस पर नजर रखें
कंपनी 'Radhe Acres' प्रोजेक्ट को लेकर एक मुकदमेबाजी में फंसी हुई है, जो जमीन के मालिकाना हक के विवाद से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रोजेक्ट के तहत आने वाले प्लॉट्स की बिक्री पर रोक लगा दी है, जिससे काफी अनिश्चितता पैदा हो गई है, हालांकि मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इसका जल्द समाधान हो जाएगा।
मैनेजमेंट की टिप्पणी
मैनेजमेंट ने भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की मांग पर भरोसा जताया और समझदारी से एग्जीक्यूशन और वित्तीय अनुशासन पर जोर दिया। उन्होंने इस अवधि के दौरान ऊर्जा संरक्षण में किसी खास बड़े निवेश का उल्लेख नहीं किया।
खास आंकड़े (समय-आधारित)
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस: FY26 में 45% बढ़कर ₹1110.84 लाख हुआ (FY25 में ₹765.81 लाख)।
- नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): FY26 में 140% से ज्यादा बढ़कर ₹324.35 लाख हुआ (FY25 में ₹134.60 लाख)।
- प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट: 2 फरवरी, 2026 को ₹6.41 करोड़ के लिए 2,51,39,620 इक्विटी शेयर जारी किए गए।
आगे क्या देखें
निवेशक 'Radhe Acres' प्रोजेक्ट से जुड़े मुकदमे के किसी भी अपडेट और आने वाले फाइनेंशियल इयर्स में कंपनी की प्रॉफिट ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखेंगे।
