Prozone Realty ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार वापसी करते हुए **₹17.89 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने अब अपने पुराने मॉल एसेट्स को **₹1,242.50 करोड़** में बेचने का फैसला किया है ताकि मुंबई के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जा सके।
मुनाफे का शानदार टर्नअराउंड
लंबे समय से घाटे में चल रही Prozone Realty के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 राहत लेकर आया है। पिछले साल जहां कंपनी को ₹54.36 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ा था, वहीं इस बार कंपनी ने ₹17.89 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी कंपनियों में बची हुई हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर 15 साल की जॉइंट ओनरशिप को भी खत्म कर दिया है।
नई रणनीति: मॉल से मुंबई के रीडेवलपमेंट तक
कंपनी अब 'ओनर-ऑपरेटर' मॉडल से हटकर पूरी तरह से 'डेवलपर' बनने की तैयारी में है। बोर्ड ने अपने मैच्योर मॉल पोर्टफोलियो को ₹1,242.50 करोड़ तक में बेचने को मंजूरी दे दी है। कोयंबटूर और छत्रपति संभाजी नगर में कंपनी के मॉल्स में ऑक्यूपेंसी 94-96% के पीक लेवल पर है, जिसे भुनाने का यह सही समय माना जा रहा है।
मुंबई पर बड़ा दांव
कंपनी इस बिक्री से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज कम करने और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में नए प्रोजेक्ट्स हासिल करने के लिए करेगी। हालांकि, मुंबई का रीडेवलपमेंट मार्केट काफी चुनौतीपूर्ण है और इसमें रेगुलेटरी कॉम्प्लेक्सिटीज का सामना करना पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब 30 सितंबर 2026 को होने वाली 19वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं। यहां कंपनी एसेट सेल की टाइमलाइन और नए प्रोजेक्ट्स की भविष्य की योजनाओं पर स्थिति साफ कर सकती है।
