Peninsula Land ने FY26 में दर्ज किया ₹153 करोड़ का शुद्ध घाटा
Peninsula Land Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹153.68 करोड़ का स्टैंडअलोन शुद्ध घाटा दर्ज किया है। पिछले साल की तुलना में यह एक बड़ी गिरावट है, क्योंकि स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स 41.5% घटकर ₹141.25 करोड़ रह गया।
मुख्य बिंदु
- स्टैंडअलोन शुद्ध घाटा: ₹153.68 करोड़ (FY25 में ₹25.27 करोड़ का घाटा था)
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹141.25 करोड़ (FY25 में ₹241.65 करोड़ था)
- असाधारण मदें (स्टैंडअलोन): ₹140.25 करोड़, जिसमें HIPDPL के लिए ₹102 करोड़ का प्रोविजन शामिल है।
- डिबेंचर रिडेम्पशन: ₹150 करोड़ के ऑप्शनली कनवर्टिबल डिबेंचर (OCDs) रिडीम किए गए।
घाटे का कारण?
कंपनी को हुए इस बड़े घाटे का मुख्य कारण असाधारण मदें रही हैं, जिनका कुल मूल्य ₹140.25 करोड़ रहा। इसमें एक प्रमुख मद ₹102 करोड़ का प्रोविजन है, जो कंपनी के ज्वाइंट वेंचर HIPDPL के प्रति वित्तीय जोखिम के कारण किया गया है। HIPDPL के खिलाफ कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू होने से इस निवेश की वसूली को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इसके बावजूद, कंपनी ने ₹150 करोड़ के ऑप्शनली कनवर्टिबल डिबेंचर (OCDs) सफलतापूर्वक रिडीम कर लिए हैं। इस रिडेम्पशन के लिए फंड NCDs और आंतरिक लिक्विड फंड्स से जुटाए गए थे।
आगे क्या?
ऑडिटर की रिपोर्ट में कंसॉलिडेटेड नतीजों पर 'गोइंग कंसर्न अनिश्चितता' (Going Concern Uncertainty) का उल्लेख, कंपनी की भविष्य की परिचालन क्षमता पर सवाल खड़े करता है। निवेशकों की नज़र अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस अनिश्चितता से कैसे निपटती है और HIPDPL के CIRP का क्या नतीजा निकलता है।
