Parsvnath Developers: दिवालियापन का शिकंजा कसता
Parsvnath Developers लिमिटेड के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने कंपनी और उसकी गारंटर, नोएडा मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के निलंबित निदेशकों द्वारा दायर की गई अपीलों को खारिज कर दिया है। यह फैसला कंपनी के खिलाफ दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) जारी रखने की पुष्टि करता है।
आगे क्या होगा?
NCLAT के 29 मई, 2026 के आदेश ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के अप्रैल 2026 के उन आदेशों को बरकरार रखा है, जिनमें दोनों संस्थाओं के खिलाफ सेक्शन 7 के तहत दिवालियापन आवेदन स्वीकार किए गए थे। इसका सीधा मतलब है कि अब कंपनी एक अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) की देखरेख में काम करेगी।
क्यों है यह अहम?
यह फैसला दिवालियापन स्वीकार किए जाने की अंतिम पुष्टि है। Parsvnath Developers अब पूरी तरह से दिवालियापन ढांचे के दायरे में है। शेयरधारकों को यह समझना चाहिए कि कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण निलंबित कर दिया गया है और वित्तीय संकट को दूर करने के लिए समाधान प्रक्रिया ही मुख्य जरिया है। याचिका दायर करने की तारीख तक, डिफॉल्ट की राशि ₹942.27 करोड़ थी।
पृष्ठभूमि
इससे पहले NCLT ने Parsvnath Developers और नोएडा मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिवालियापन याचिकाएं स्वीकार की थीं। प्रबंधन के संभावित समाधानों और बड़े प्रतिदावों (counterclaims) के तर्कों को दिवालियापन आवेदनों को खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं माना गया। मूल रूप से यह कर्ज Sammaan Capital Limited के पास था, जिसे 30 सितंबर, 2024 को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड (ARCIL) को सौंप दिया गया था।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी का प्रबंधन निलंबित है और IRP संचालन की देखरेख कर रहा है। अब पूरा ध्यान समाधान प्रक्रिया पर है, जिसका उद्देश्य कंपनी की वित्तीय देनदारियों को संबोधित करना और संभवतः इसके संचालन को पुनर्जीवित करना है।
जोखिम का पहलू
एक रियल एस्टेट डेवलपर के तौर पर, जिसके प्रोजेक्ट अभी चल रहे हैं, CIRP की शुरुआत परिचालन निरंतरता के लिए एक बड़ा जोखिम है। IRP को घर खरीदारों से ₹800 करोड़ के दावे मिले हैं, जो खुदरा ऋणदाताओं के बड़े जोखिम को दर्शाते हैं। NCLT द्वारा स्थगन के बावजूद, समाधान वार्ता का टूटना वित्तीय संकट की गंभीरता को उजागर करता है।
आगे क्या देखना है
निवेशकों को CIRP की प्रगति, संभावित समाधान आवेदकों द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना और NCLT के किसी भी अगले आदेश पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। IRP की चल रही परियोजनाओं को प्रबंधित करने और घर खरीदारों के दावों की बड़ी मात्रा को संबोधित करने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
कुछ मुख्य आंकड़े:
- कुल डिफॉल्ट राशि: ₹942.27 करोड़ (याचिका दायर करने की तारीख के अनुसार)
- मूल राशि: ₹452.34 करोड़
- ब्याज: ₹26.60 करोड़
- अन्य शुल्क: ₹438.33 करोड़
- TDS: ₹25.00 करोड़
- IRP को घर खरीदारों से मिले दावे: ₹800 करोड़
- ARCIL को कर्ज सौंपने की तारीख: 30 सितंबर, 2024
- NCLT द्वारा दिवालियापन स्वीकार करने की तारीख: अप्रैल 2026
- NCLAT द्वारा अपील खारिज करने की तारीख: 29 मई, 2026
