Parsvnath Developers ने अपने बोर्ड से तीन स्वतंत्र निदेशकों के इस्तीफे का ऐलान किया है। यह इस्तीफे 14 जुलाई, 2026 से प्रभावी होंगे। गौरतलब है कि कंपनी 30 अप्रैल, 2026 से कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है। इस घटनाक्रम का कई अहम बोर्ड कमेटियों पर असर पड़ेगा।
Parsvnath Developers का बोर्ड इनसॉल्वेंसी के बीच निदेशकों के इस्तीफे से हिला
Parsvnath Developers Ltd. के बोर्ड से तीन स्वतंत्र निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया है। ये इस्तीफे 14 जुलाई, 2026 से प्रभावी होंगे। जिन निदेशकों ने इस्तीफा दिया है उनके नाम हैं - श्री रमेश चंद गुप्ता, श्री सुभाष चंदर सेतिया और डॉ. रक्षिता शर्मा। कंपनी ने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत व्यस्तताओं, अस्वस्थता और अन्य प्रतिबद्धताओं को वजह बताया है। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब कंपनी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) नई दिल्ली बेंच द्वारा 30 अप्रैल, 2026 को शुरू की गई कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है।
क्या हुआ?
Parsvnath Developers ने खुलासा किया है कि उसके तीन स्वतंत्र निदेशक बोर्ड से इस्तीफा दे रहे हैं। इन इस्तीफों की प्रभावी तारीख 14 जुलाई, 2026 है। इस्तीफे के कारणों में व्यक्तिगत कारण, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और अन्य पेशेवर प्रतिबद्धताएं बताई गई हैं।
क्यों यह अहम है?
इन इस्तीफों का कंपनी की बोर्ड कमेटियों पर बड़ा असर पड़ा है। श्री सुभाष चंदर सेतिया, जो ऑडिट, हितधारक संबंध, जोखिम प्रबंधन और सीएसआर समितियों का नेतृत्व कर रहे थे, वे पद छोड़ रहे हैं। डॉ. रक्षिता शर्मा, जो नामांकन और पारिश्रमिक समिति की अध्यक्ष थीं, वे भी इस्तीफा दे रही हैं। कंपनी की इनसॉल्वेंसी कार्यवाही को देखते हुए, इन प्रमुख निदेशकों के जाने से बोर्ड की संचालन और निगरानी क्षमता प्रभावित हो सकती है।
बैकस्टोरी
Parsvnath Developers 30 अप्रैल, 2026 से कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है। श्री मनोज कुमार आनंद को अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) नियुक्त किया गया था और वे अब समिति ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) द्वारा 10 जून, 2026 को पुष्टि के बाद समाधान पेशेवर (RP) के रूप में जारी हैं। RP इस अवधि के दौरान कंपनी के मामलों का प्रबंधन करते हैं।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी को इन इस्तीफों से खाली हुई सीटों को भरने के लिए नए निदेशकों की नियुक्ति करनी होगी और बोर्ड कमेटियों का पुनर्गठन करना होगा। यह प्रक्रिया समाधान पेशेवर की समग्र निगरानी में की जाएगी, जो CIRP के दौरान कंपनी के प्रशासन के लिए जिम्मेदार हैं।
जोखिम
मुख्य जोखिम यह है कि अनुभवी स्वतंत्र निदेशकों के जाने से शासन (governance) संबंधी और अधिक चुनौतियाँ आ सकती हैं और समाधान प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने CIRP के तहत कानूनी राय और मानव संसाधन संबंधी बाधाओं का हवाला देते हुए, निर्धारित 24 घंटे की अवधि के बाद इन इस्तीफों की रिपोर्ट करने में देरी का भी खुलासा किया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को बोर्ड द्वारा नए निदेशकों की नियुक्ति और समितियों के पुनर्गठन के प्रयासों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) की प्रगति और समय-सीमा कंपनी के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।
