Oswal Greentech लिमिटेड अब रियल एस्टेट के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी दुबई, UAE में एक नई सबसिडियरी (subsidiary) स्थापित करेगी, जिसमें शुरुआती निवेश **40 मिलियन AED** (लगभग **₹90 करोड़**) होगा। कंपनी इस नई इकाई में **95%** हिस्सेदारी रखेगी।
Oswal Greentech का UAE रियल एस्टेट में विस्तार
Oswal Greentech लिमिटेड ने अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार को बढ़ाने के लिए दुबई, UAE में एक नई कंपनी खोलने की मंजूरी दे दी है। यह नई इकाई रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करेगी।
क्या है पूरी योजना?
कंपनी दुबई में एक नई एंटिटी (entity) बनाएगी, जो जमीन, आवासीय और वाणिज्यिक प्रॉपर्टीज के विकास पर फोकस करेगी। इस नई कंपनी में Oswal Greentech की 95% हिस्सेदारी (यानी 38 मिलियन AED) होगी, जबकि बाकी 5% हिस्सेदारी (यानी 2 मिलियन AED) श्री शेल ओसवाल के पास रहेगी। कुल शुरुआती निवेश 40 मिलियन AED का होगा।
क्यों है यह अहम?
यह कदम Oswal Greentech की भौगोलिक विविधता लाने की मंशा को दिखाता है। UAE के बड़े रियल एस्टेट मार्केट में प्रवेश करने से कंपनी के लिए कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं और ग्रोथ के मौके बढ़ सकते हैं।
कंपनी की पिछली रणनीति
Oswal Greentech पहले से ही अपने सेक्टर में सक्रिय है, लेकिन रियल एस्टेट डेवलपमेंट में यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय कदम है।
आगे क्या होगा?
नई सबसिडियरी के जरिए कंपनी UAE में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स शुरू करेगी। इसके लिए भारत और UAE दोनों देशों के नियामकों (regulators) से जरूरी मंजूरी लेनी होगी।
संभावित जोखिम
दोनों देशों में रेगुलेटरी अड़चनें, नए बाजार में प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की चुनौतियां और करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिम हो सकते हैं। प्रोजेक्ट्स की सफलता महत्वपूर्ण होगी।
अन्य कंपनियों से तुलना
कई भारतीय रियल एस्टेट कंपनियां UAE में सक्रिय हैं। Oswal Greentech की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कौन से प्रोजेक्ट चुनते हैं, उन्हें कितनी कुशलता से पूरा करते हैं और मौजूदा कंपनियों के मुकाबले बाजार में अपनी जगह कैसे बनाते हैं।
खास बातें
इस नई कंपनी में शुरुआती निवेश 40 मिलियन AED का है। इसके अलावा, कंपनी के इंटरनल ऑडिटर, M/s Siddharth S. Kothari & Co., ने 22 जून, 2026 से प्रभावी रूप से इस्तीफा दे दिया है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को सबसिडियरी के गठन, जरूरी मंजूरी मिलने और UAE में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लॉन्च और विकास पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी की भविष्य की पूंजी आवंटन (capital allocation) की रणनीति भी अहम होगी।
