Osiajee Texfab का बड़ा कायापलट! टेक्सटाइल छोड़ एग्रो-फॉरेस्ट्री और रियल एस्टेट में दांव, मुनाफा **5.55 करोड़** पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Osiajee Texfab का बड़ा कायापलट! टेक्सटाइल छोड़ एग्रो-फॉरेस्ट्री और रियल एस्टेट में दांव, मुनाफा **5.55 करोड़** पार

Osiajee Texfab अब टेक्सटाइल बिजनेस से निकलकर एग्रो-फॉरेस्ट्री (Agro-Forestry) और रियल एस्टेट (Real Estate) की ओर बढ़ रही है। भले ही कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन बेहतर मैनेजमेंट और मजबूत नेट वर्थ (Net Worth) के कारण इसका मुनाफा बढ़ा है।

Osiajee Texfab: नए बिजनेस मॉडल से दमदार मुनाफा

Osiajee Texfab Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने अपने पुराने टेक्सटाइल बिजनेस से हटकर एक बड़ा स्ट्रेटेजिक बदलाव दिखाया है। कंपनी का रेवेन्यू ₹6.49 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के ₹7.09 करोड़ से कम है। हालांकि, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) ₹5.55 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹5.00 करोड़ था। इसके अलावा, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹9.26 से बढ़कर ₹10.27 हो गया।

कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। टोटल एसेट्स (Total Assets) ₹17.41 करोड़ से बढ़कर ₹26.97 करोड़ हो गए, जबकि नेट वर्थ (Net Worth) ₹14.97 करोड़ से बढ़कर ₹20.51 करोड़ दर्ज की गई।

टेक्सटाइल से दूरी, नए बिजनेस में तेजी

यह Osiajee Texfab के लिए एक बड़ा मोड़ है, क्योंकि अब कंपनी अपने ऐतिहासिक टेक्सटाइल बिजनेस पर निर्भर नहीं है। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Osiajee Agro Farms Limited के जरिए एग्रो-फॉरेस्ट्री (Agro-Forestry) में निवेश बढ़ाया है और हाल ही में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद रियल एस्टेट (Real Estate) को भी अपना मुख्य बिजनेस एक्टिविटी बना लिया है।

यह नया बिजनेस मॉडल कंपनी की ग्रोथ के लिए बड़ा बूस्ट साबित हो रहा है, जिससे रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार हुआ है और वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।

रियल एस्टेट और एग्रो-फॉरेस्ट्री पर फोकस

Osiajee Texfab का ऑपरेशनल फोकस अब पूरी तरह से एग्रो-फॉरेस्ट्री और रियल एस्टेट वेंचर्स पर है। रियल एस्टेट बिजनेस अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन इसके सफल होने पर कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा मिल सकती है। एग्रो-फॉरेस्ट्री बिजनेस में भी कंपनी ने प्लांटेशन (Plantations) और फसलें (Crops) लगाने पर जोर दिया है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को अब रियल एस्टेट सेगमेंट से आने वाले रेवेन्यू (Revenue) और एग्रो-फॉरेस्ट्री बिजनेस के परफॉरमेंस (Performance) पर नजर रखनी होगी। इन नए वेंचर्स को कंपनी कितनी अच्छी तरह से इंटीग्रेट (Integrate) कर पाती है, यह उसकी भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम होगा।

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