Omaxe Ltd ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर **₹50.49 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि कंसोलिडेटेड स्तर पर कंपनी को **₹25.14 करोड़** का नुकसान हुआ है। साथ ही, SEBI के नए रेगुलेटरी ऑर्डर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए Omaxe ने अपने नतीजे पेश किए हैं। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन इस बार स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने ₹50.49 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाकर बाजार को राहत दी है। कंपनी की स्टैंडअलोन इनकम भी बढ़कर ₹310.40 करोड़ हो गई है, जो पिछले साल इसी दौरान ₹79.98 करोड़ थी।
हालांकि, कंसोलिडेटेड नतीजों की तस्वीर थोड़ी अलग है। कंपनी का नेट लॉस ₹25.14 करोड़ रहा है। हालांकि, यह पिछले साल के ₹166.61 करोड़ के मुकाबले काफी सुधार है, लेकिन अभी भी यह मुनाफे में नहीं आ पाया है।
रेगुलेटरी और कानूनी चुनौतियां
कंपनी के लिए फिलहाल कानूनी मोर्चे पर चुनौतियां कम नहीं हैं। 24 सितंबर 2026 को SEBI ने Omaxe के खिलाफ Minimum Public Shareholding (MPS) नियमों का पालन न करने को लेकर एक आदेश पारित किया है। कंपनी का कहना है कि वे इस पर कानूनी सलाह ले रहे हैं और उम्मीद है कि इसका असर उनकी फाइनेंशियल स्थिति पर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा।
इसके अलावा, Securities Appellate Tribunal (SAT) ने जुलाई 2024 के SEBI आदेश के खिलाफ कंपनी की अपील को खारिज कर दिया है, जिस पर कंपनी ने अब रिव्यू एप्लिकेशन फाइल की है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
नतीजों में स्टैंडअलोन सुधार एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन ग्रुप के कंसोलिडेटेड ऑपरेशंस का घाटा अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी SEBI के नए आदेश पर क्या कदम उठाती है और अपने बिजनेस मॉडल को कैसे सुधारती है।
