Omaxe Limited ने FY 2025-26 के कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹1,253.40 करोड़** रहा, जबकि नेट लॉस बढ़कर **₹696.80 करोड़** पर पहुंच गया है। प्रोजेक्ट डिलीवरी में **24%** की बढ़ोतरी के बावजूद, कंपनी पर **₹1,425.17 करोड़** का भारी कर्ज और SEBI की रेगुलेटरी जांच का दबाव बना हुआ है।
फाइनेंशियल स्ट्रेस और रेगुलेटरी संकट
Omaxe Limited ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं, जो कंपनी की कठिन स्थिति को दर्शाते हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,560.99 करोड़ से गिरकर इस बार ₹1,253.40 करोड़ रह गया है। वहीं, नेट लॉस ₹685.40 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹696.80 करोड़ पर पहुंच गया है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी का बढ़ता कर्ज है, जो ₹743.56 करोड़ से उछलकर ₹1,425.17 करोड़ हो गया है।
ऑपरेशंस और चुनौतियां
हालांकि कंपनी ने लार्ज-स्केल टाउनशिप पर ध्यान केंद्रित करते हुए 5.33 मिलियन वर्ग फीट स्पेस डिलीवर किया है, जो सालाना आधार पर 24% की बढ़त है, लेकिन कंपनी का बॉटम लाइन अभी भी गहरे घाटे में है। अमृतसर और इंदौर जैसे शहरों में नए प्रोजेक्ट्स के लिए कैश फ्लो की जरूरत कंपनी के बैलेंस शीट पर अतिरिक्त दबाव बना रही है।
कानूनी अड़चनें (Regulatory Update)
Omaxe फिलहाल दो बड़े कानूनी मोर्चों पर लड़ रही है। जुलाई 2024 के SEBI ऑर्डर के खिलाफ कंपनी ने SAT में अपील की है, जिस पर अंतिम फैसला आना बाकी है। साथ ही, जनवरी 2026 में कंपनी को मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों के कथित उल्लंघन पर शो-कॉज नोटिस मिला है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी है। SAT की कार्यवाही और MPS मामले में आने वाले फैसले स्टॉक की भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
