Nukleus Office Solutions ने FY26 में धमाकेदार ग्रोथ और विस्तार योजनाओं का किया ऐलान
Nukleus Office Solutions Limited ने 18 मई, 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) और दूसरी छमाही (H2 FY26) के लिए शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। FY26 में कंपनी की कुल आय में साल-दर-साल 25.49% का इजाफा हुआ और यह ₹36.19 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी 38.12% की बढ़त देखी गई, जो ₹917.34 लाख रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹213.53 लाख दर्ज किया गया।
FY26 की दूसरी छमाही के प्रदर्शन में भी कंपनी ने दम दिखाया। इस दौरान कुल आय 30.12% बढ़कर ₹1,888.35 लाख रही, और EBITDA में 35.16% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹507.85 लाख तक पहुंच गया।
मांग बनी ग्रोथ की वजह
कंपनी का यह बेहतरीन वित्तीय प्रदर्शन उसकी सेवाओं, खासकर मैनेज्ड ऑफिस सॉल्यूशंस की मजबूत मांग को दर्शाता है। यह ग्रोथ फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस फॉर्मेट्स की बढ़ती लोकप्रियता से जुड़ी है। मैनेज्ड ऑफिस पर Nukleus का रणनीतिक जोर और टेक्नोलॉजी का एकीकरण इसे बदलते बाजार के रुझानों के हिसाब से ढलने में मदद करता है, जिससे भविष्य में राजस्व (Revenue) और मुनाफे (Profitability) में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
बढ़ाएंगे अपना नेटवर्क
फिलहाल, Nukleus दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में लगभग 25 सेंटर्स चला रही है। इनमें 17 को-वर्किंग स्पेस और 8 मैनेज्ड ऑफिस सेंटर्स शामिल हैं। मैनेज्ड ऑफिस और को-वर्किंग पोर्टफोलियो में 7.3 लाख वर्ग फुट से ज्यादा का एरिया मैनेजमेंट के तहत है, जिसमें से लगभग 3.06 लाख वर्ग फुट सक्रिय रूप से उपयोग में है और ऑक्यूपेंसी रेट करीब 85% है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Nukleus अपने बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है, जिसका मकसद मैनेज्ड ऑफिस पर अपने पोर्टफोलियो का फोकस बढ़ाना है। कंपनी 70% मैनेज्ड ऑफिस और 30% को-वर्किंग स्पेस के मिश्रण की ओर बढ़ना चाहती है, और लंबी अवधि में 90% मैनेज्ड ऑफिस और 10% को-वर्किंग स्पेस का लक्ष्य रखा है। इस रणनीतिक बदलाव के साथ ही पूरे भारत के सभी प्रमुख शहरों में अपनी मौजूदगी का विस्तार करने की योजना है, ताकि एक राष्ट्रीय ब्रांड स्थापित किया जा सके।
इसके अलावा, टेक्नोलॉजी में भी निवेश किया जा रहा है, जिसमें AI-पावर्ड कस्टमर एंगेजमेंट सिस्टम और स्मार्ट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट टूल्स शामिल हैं।
एग्जीक्यूशन और विस्तार से जुड़े जोखिम
मैनेज्ड ऑफिस की ओर आक्रामक बदलाव और कई डील्स को सुरक्षित करना, कंपनी के लिए सावधानीपूर्वक एग्जीक्यूशन की मांग करता है। नए सेंटर्स के तेजी से बढ़ते पोर्टफोलियो में उच्च ऑक्यूपेंसी रेट बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में काफी पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) और परिचालन संबंधी चुनौतियां भी शामिल हैं।
इंडस्ट्री का परिदृश्य
हालांकि, प्रतिस्पर्धियों की तुलना का विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन भारतीय मैनेज्ड ऑफिस और को-वर्किंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और रणनीतियाँ विकसित हो रही हैं। स्टार्ट-अप्स से लेकर बड़े उद्यमों तक, विविध ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिस्पर्धी भी नई तकनीकों को अपना रहे हैं और अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।
FY26 के मुख्य वित्तीय आंकड़े
- कुल आय: ₹36.19 करोड़ (25.49% YoY वृद्धि)
- EBITDA मार्जिन: ₹917.34 लाख (38.12% YoY वृद्धि)
- H2 FY26 कुल आय: ₹1,888.35 लाख (30.12% YoY वृद्धि)
- H2 FY26 EBITDA: ₹507.85 लाख (35.16% YoY वृद्धि)
- वर्तमान ऑक्यूपेंसी: लगभग 85%
- मैनेज्ड एरिया: ~7.3 लाख वर्ग फुट
- ऑपरेशनल वर्कस्पेस: ~3.06 लाख वर्ग फुट
आगे क्या देखना है?
निवेशक कंपनी की मैनेज्ड ऑफिस सेगमेंट में वृद्धि, नई डील्स को सफलतापूर्वक हासिल करने और नए प्रमुख भारतीय शहरों में विस्तार की प्रगति पर नजर रखेंगे। ऑक्यूपेंसी रेट और नई तकनीकों के कार्यान्वयन की निगरानी भी भविष्य के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
