Noida Toll Bridge Company: ₹5.33 करोड़ का मुनाफा, पर ₹100 करोड़ की NOIDA डिमांड का खतरा!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Noida Toll Bridge Company: ₹5.33 करोड़ का मुनाफा, पर ₹100 करोड़ की NOIDA डिमांड का खतरा!

Noida Toll Bridge Company ने Q1FY27 के लिए ₹5.33 करोड़ का कंसोलिडेटेड मुनाफा दर्ज किया है। हालांकि, ऑडिटर्स ने मोरेटोरियम के कारण ₹3 करोड़ के इंटरेस्ट की नॉन-प्रोविजनिंग पर चिंता जताई है, और कंपनी ₹100 करोड़ की NOIDA डिमांड का विरोध कर रही है।

Noida Toll Bridge Company के नतीजे और कानूनी पेंच

Noida Toll Bridge Company Ltd. ने जून 2026 में समाप्त तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स का ऐलान कर दिया है। कंसोलिडेटेड आधार पर, कंपनी ने ₹11.38 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स और ₹12.81 करोड़ की टोटल इनकम दर्ज की है। तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹5.33 करोड़ रहा, जिसमें अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹0.29 दर्ज की गई। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹5.26 करोड़ रहा।

ऑपरेशनल मजबूती पर कानूनी चिंता

हालांकि कंपनी अपने मुख्य ऑपरेशन्स में प्रॉफिट दिखा रही है, लेकिन कुछ गंभीर वित्तीय और कानूनी मामले चिंता का सबब बने हुए हैं। ऑडिटर्स द्वारा लोन पर नॉन-प्रोविजनड इंटरेस्ट को लेकर 'Emphasis of Matter' और खासकर NOIDA से मिले ₹100 करोड़ के डिमांड नोटिस के कारण कंपनी के भविष्य के फाइनेंशियल हेल्थ और निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है।

DND Flyway का इतिहास

Noida Toll Bridge Company DND Flyway का संचालन करती है। कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस ऐतिहासिक रूप से रेगुलेटरी और लीगल चुनौतियों से प्रभावित रहा है। कंपनी टोल कलेक्शन और अपनी वित्तीय देनदारियों से जुड़े विवादों में शामिल रही है।

आगे क्या?

कंपनी के बोर्ड ने 30वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के नोटिस को मंजूरी दे दी है और ई-वोटिंग के लिए एक स्क्रूटिनाइजर की नियुक्ति भी की है। श्री बलविंदर सिंह को 5 साल के टर्म के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। कंपनी ने स्टैच्यूटरी ऑडिटर की फीस को रेक्टिफाई करने की भी मंजूरी दी है।

जोखिमों पर नज़र

ऑडिटर्स द्वारा ₹3.00 करोड़ के तिमाही इंटरेस्ट और कुल ₹85.28 करोड़ (30 जून 2026 तक) के इंटरेस्ट की नॉन-प्रोविजनिंग, जो मोरेटोरियम के कारण है, मुख्य जोखिम हैं। इसके अलावा, NOIDA से ₹100 करोड़ का डिमांड नोटिस, टैक्स लिटिगेशन और आर्बिट्रेशन प्रोसीडिंग्स भी अहम चिंताएं हैं।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को NOIDA डिमांड नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे केस के डेवलपमेंट, टैक्स लिटिगेशन और आर्बिट्रेशन प्रोसीडिंग्स के नतीजों पर, और ICICI बैंक और ITNL से लोन पर इंटरेस्ट की प्रोविजनिंग पर किसी भी अपडेट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.