Nila Spaces Limited ने FY26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Profit) 96% बढ़कर **₹28.76 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **36%** की उछाल के साथ यह **₹185.02 करोड़** दर्ज किया गया।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के मुनाफे में यह भारी उछाल मुख्य रूप से GIFT City में चल रहे वैलनेस-केंद्रित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के कारण आया है। बीते साल के ₹14.67 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट अब ₹28.76 करोड़ हो गया है। वहीं, स्टैंडअलोन स्तर पर भी कंपनी ने 75% की वृद्धि दर्ज की है, जिसका प्रॉफिट ₹26.61 करोड़ रहा है।
नई टेक्नोलॉजी और फ्यूचर प्लान
Nila Spaces अब ट्रेडिशनल रियल एस्टेट से हटकर 'प्रॉप-टेक' (Prop-tech) सेक्टर में बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी अपने 'PRANA' और 'VIDA' प्रोजेक्ट्स के जरिए वेलनेस रेजिडेंसी को बढ़ावा दे रही है। साथ ही, कंपनी ने 'VIDA' प्रोजेक्ट के टोकनाइजेशन और VirtSpaces Private Limited में 30% हिस्सेदारी खरीदकर डिजिटल रियल एस्टेट और फ्रैक्शनल ओनरशिप की दिशा में कदम बढ़ाया है।
डिविडेंड और गवर्नेंस
बोर्ड ने इस बार निवेशकों को डिविडेंड (Dividend) न देने का फैसला किया है। प्रबंधन का मानना है कि मुनाफे की पूरी राशि को बिजनेस विस्तार में निवेश करना फिलहाल बेहतर है। इसके अलावा, कंपनी ने स्वतंत्र निदेशक श्री अमित चोकसी के इस्तीफे की जानकारी दी है। हालांकि, प्रबंधन ने साफ किया है कि बोर्ड पूरी तरह से SEBI के नियमों का पालन कर रहा है।
क्रेडिट रेटिंग और जोखिम
CARE Ratings ने कंपनी की ₹125 करोड़ की लॉन्ग-टर्म बैंकिंग सुविधाओं के लिए 'CARE BBB; Stable' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, निवेशकों को GIFT City पर निर्भरता और टेक-हैवी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के निष्पादन (Execution) जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए।
