Nectar Lifesciences ने अपने मुख्य फार्मा और मेन्थॉल बिजनेस बेच दिए हैं और अब रियल एस्टेट पर फोकस करने के लिए कैप्सूल बिजनेस भी बेच रही है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में **शून्य (Nil)** रेवेन्यू और **₹2,928.91 मिलियन** का घाटा दर्ज किया है।
Nectar Lifesciences का बड़ा बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन!
Nectar Lifesciences ने अपना पूरा बिजनेस मॉडल ही बदल लिया है। कंपनी ने मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹2,928.91 मिलियन का भारी नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹1,136.81 मिलियन के मुकाबले काफी ज्यादा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) शून्य (Nil) रहा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी ने अपने मुख्य फार्मा (API और Formulation) और मेन्थॉल बिजनेस को बेच दिया है।
रियल एस्टेट में एंट्री, फार्मा को बाय-बाय
Nectar Lifesciences ने अपने फार्मा और मेन्थॉल बिजनेस को नवंबर 2025 में Ceph Lifesciences Private Limited को स्लम्प सेल (Slump Sale) के जरिए बेच दिया। साथ ही, कंपनी अपनी खाली हार्ड जिलेटिन कैप्सूल (EHGC) बिजनेस को Capnest Health Care Private Limited को बेचने की प्रक्रिया में है। इस बड़े बदलाव के बाद, Nectar Lifesciences अब पूरी तरह से रियल एस्टेट सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसी कड़ी में, कंपनी ने Avensis Exports Private Limited को अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी (Wholly-Owned Subsidiary) के तौर पर एक्वायर (Acquire) कर लिया है।
क्यों मायने रखता है यह बदलाव?
अपने ऑपरेशनल बिजनेस को बेचने के कारण, कंपनी ने FY 2025-26 में शून्य रेवेन्यू दर्ज किया है। इसका मतलब है कि कंपनी की कमाई अब उसके पुराने फार्मा बिजनेस से नहीं होगी। निवेशकों को अब रियल एस्टेट सेक्टर में कंपनी की नई संभावनाओं का मूल्यांकन करना होगा।
आगे क्या?
Nectar Lifesciences के शेयरधारकों के लिए यह एक बड़ा कदम है। फार्मा बिजनेस की बिक्री से कंपनी को ₹12,539.86 मिलियन मिले, जिससे ₹1,633.73 मिलियन का एक्सेप्शनल गेन (Exceptional Gain) हुआ। कंपनी ने ₹810 मिलियन में 30 मिलियन इक्विटी शेयर का बाय-बैक (Share Buy-back) भी पूरा किया है।
जोखिम क्या हैं?
कंपनी के सामने सबसे बड़े जोखिम यह हैं कि वह नए रियल एस्टेट बिजनेस में कितनी सफल होती है, कैप्सूल बिजनेस की बिक्री में कोई देरी या विफलता, और नए बिजनेस के जमने तक मौजूदा घाटे और कैश फ्लो को कैसे मैनेज करती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को EHGC बिजनेस की बिक्री की प्रगति, कंपनी की रियल एस्टेट डील्स और डेवलपमेंट पाइपलाइन, और आने वाली तिमाहियों में कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वह अपने नए बिजनेस मॉडल में आगे बढ़ रही है।
