NBCC India ने FY 2025-26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 33% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹742.45 करोड़ रहा। कंपनी ने 11 सितंबर, 2026 को अपनी 66वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की भी घोषणा की है और ₹0.46 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
NBCC India ने FY26 में दमदार प्रदर्शन किया, AGM का ऐलान
NBCC (India) Limited ने अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी की लाभप्रदता में बड़ी वृद्धि देखी गई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के ₹557.42 करोड़ की तुलना में 33% बढ़कर ₹742.45 करोड़ हो गया। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹12,043.78 करोड़ से बढ़कर ₹12,888.61 करोड़ हो गया।
इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹0.46 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जिससे इस साल का कुल डिविडेंड भुगतान ₹270 करोड़ हो जाएगा। कंपनी ने अपनी 66वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 11 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों (OAVM) से आयोजित करने का भी ऐलान किया है।
क्यों है यह अहम?
मुनाफे में यह जोरदार बढ़ोतरी कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और उसके मुख्य बिजनेस सेगमेंट – प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC), इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC), और रियल एस्टेट डेवलपमेंट – की सफलता को दर्शाती है। प्रस्तावित डिविडेंड सीधे शेयरधारकों को लाभ पहुंचाएगा। AGM का विवरण कॉर्पोरेट गवर्नेंस और शेयरधारकों की भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
NBCC सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठा रही है। कंपनी लगातार अपने एसेट-लाइट और कर्ज-मुक्त स्ट्रक्चर को बनाए रखने का लक्ष्य रखती है। HSCC (India) Limited के साथ संभावित मर्जर भी एक महत्वपूर्ण विकास है, जिसका उद्देश्य ऑपरेशंस को मजबूत करना और तालमेल बढ़ाना है।
अब क्या बदलेगा?
शेयरधारक प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड का लाभ उठा सकेंगे। कंपनी AGM में वित्तीय विवरणों को अपनाने और डिविडेंड भुगतान सहित विभिन्न प्रस्तावों पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी। HSCC के साथ मर्जर की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। कंपनी का ₹1,27,820 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू के लिए अच्छी संभावना दिखाता है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और उसकी कमेटियों की संरचना को लेकर कुछ गैर-अनुपालन के मुद्दे उठाए गए थे, खासकर स्वतंत्र निदेशकों की संख्या को लेकर। मैनेजमेंट का कहना है कि इन नियुक्तियों को सरकार नियंत्रित करती है। शेयरधारक इन गवर्नेंस मुद्दों के समाधान और बोर्ड की रिक्तियों को भरने की समय पर प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
संदर्भ मेट्रिक्स
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस: ₹12,888.61 करोड़ (FY 2025-26)
- कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹742.45 करोड़ (FY 2025-26)
- ऑर्डर बुक: ₹1,27,820 करोड़ (31 मार्च, 2026 तक)
- फाइनल डिविडेंड की सिफारिश: ₹0.46 प्रति शेयर (FY 2025-26)
आगे क्या देखें?
निवेशक HSCC मर्जर की प्रगति, कंपनी की अपने बड़े ऑर्डर बुक को पूरा करने की क्षमता, और प्रशासनिक मंत्रालय से बोर्ड संरचना और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर किसी भी अपडेट पर बारीकी से नजर रखेंगे।
