Modis Navnirman के नतीजे: रेवेन्यू में **28%** का उछाल, **₹8.54 करोड़** हुआ मुनाफा

REAL-ESTATE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Modis Navnirman के नतीजे: रेवेन्यू में **28%** का उछाल, **₹8.54 करोड़** हुआ मुनाफा

Modis Navnirman ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **27.92%** बढ़कर **₹58.26 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **25.81%** की बढ़त के साथ **₹8.54 करोड़** दर्ज किया गया। कंपनी ने एक नया प्रोजेक्ट भी शुरू किया है और **₹800 करोड़** GDV का पाइपलाइन तैयार है।

Modis Navnirman Q1 FY27 नतीजे: रीडेवलपमेंट पर फोकस से दमदार ग्रोथ!

रेवेन्यू: ₹58.26 करोड़ (पिछले साल के मुकाबले 27.92% ज्यादा)
नेट प्रॉफिट (PAT): ₹8.54 करोड़ (पिछले साल के मुकाबले 25.81% ज्यादा)

क्या हुआ?

Modis Navnirman Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (30 जून, 2026 को समाप्त) के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिट, दोनों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में शानदार वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 27.92% बढ़कर ₹58.26 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹45.54 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में 25.81% का जोरदार उछाल आया और यह ₹6.79 करोड़ से बढ़कर ₹8.54 करोड़ पर पहुंच गया। बेसिक ईपीएस (EPS) भी ₹3.47 से सुधरकर ₹4.36 हो गया।

यह क्यों मायने रखता है?

यह नतीजे कंपनी के प्रोजेक्ट्स, खासकर मुंबई के रीडेवलपमेंट मार्केट में मजबूत मांग का संकेत देते हैं। टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन में लगातार हो रही बढ़ोतरी, प्रोजेक्ट्स के प्रभावी एग्जीक्यूशन और बिक्री में तेजी को दर्शाती है। एक नए प्रोजेक्ट का शुरू होना और भविष्य में मजबूत पाइपलाइन, कंपनी के लिए ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं जगाती है।

बैकस्टोरी:

Modis Navnirman एक एसेट-लाइट रीडेवलपमेंट मॉडल पर काम करती है। कंपनी की रणनीति मुंबई क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने पर केंद्रित है। हाल की प्रोजेक्ट बिक्री में 'रश्मि स्क्वायर' सबसे ज्यादा बिका है, जो लगभग 80% पूरा हो चुका है।

आगे क्या?

कंपनी ने 'नील किरण सोसाइटी' (सांताक्रूज वेस्ट) नाम का एक नया प्रोजेक्ट शुरू किया है। साथ ही, यह भी पुष्टि की गई है कि चार नए प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, जिनकी अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹800 करोड़ है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि 'रश्मि पैराडाइज' इसी तिमाही में शुरू होगा, जिसके बाद 'रश्मि गोल्ड एंड शीतल' और 'खार प्रोजेक्ट' आएंगे। हालांकि, सरकारी प्रतिबंधों के कारण 'रश्मि गोविंद डाल्वी' प्रोजेक्ट फिलहाल होल्ड पर है।

जोखिम पर नज़र:

ग्रोथ अच्छी है, लेकिन EBITDA मार्जिन पिछले साल के 22.3% से घटकर करीब 19.8% रह गया। इसका कारण अप्रैल-मई के दौरान बढ़ी हुई मटेरियल कॉस्ट और लेबर की कमी बताई जा रही है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि मार्जिन 19%-20% के दायरे में स्थिर हो जाएंगे, लेकिन लागत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी या एग्जीक्यूशन में देरी से मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को नए प्रोजेक्ट लॉन्च की प्रगति, मौजूदा प्रोजेक्ट्स की बिक्री की गति और संभावित लागत दबाव के बीच कंपनी की EBITDA मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.