Meghna Infracon Infrastructure के लिए पहली तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट **63%** गिरकर **₹5.67 मिलियन** पर आ गया है, जबकि रेवेन्यू में भी **19%** की गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे और मार्जिन पर दबाव
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजे काफी सुस्त रहे। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹15.33 मिलियन था, जो अब घटकर ₹5.67 मिलियन रह गया है। ऑपरेशन से होने वाली आय भी गिरकर ₹84.32 मिलियन पर आ गई है। सबसे ज्यादा चिंता की बात कंपनी के EBITDA मार्जिन में आई गिरावट है, जो 858 बेसिस पॉइंट्स घटकर 11.02% पर आ गई है। पिछले साल यह 19.15% के स्तर पर थी।
भविष्य की रणनीति (Way Ahead)
बावजूद कमजोर तिमाही के, मैनेजमेंट ने भविष्य के लिए आक्रामक योजनाएं बनाई हैं। कंपनी हर साल 3 से 5 नए रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी अब अपना ध्यान दक्षिण मुंबई के प्रमुख इलाकों जैसे दादर (Dadar) और प्रभादेवी (Prabhadevi) पर केंद्रित कर रही है। साथ ही, कंस्ट्रक्शन की गति को 15% से 20% तक बढ़ाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
पाइपलाइन में है मजबूती
फिलहाल Meghna Infracon कुल 12 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिनका कुल एरिया 2,53,230 स्क्वायर फीट है। इसमें 'Riviera' जैसा फ्लैगशिप प्रोजेक्ट पूरा होने की कगार पर है, वहीं 'Bole Smruti' और 'Bharti CHS' जैसे नए प्रोजेक्ट्स कंपनी की भविष्य की कमाई का जरिया बनेंगे।
