Meghna Infracon Infrastructure Ltd ने Q1 FY27 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें रेवेन्यू में **20%** की गिरावट और नेट प्रॉफिट में **63%** की भारी कमी दर्ज की गई है। कंपनी ने एक नए CEO की नियुक्ति भी की है और रियल एस्टेट पर फोकस बढ़ाने का फैसला किया है।
Meghna Infracon के कमजोर नतीजे, रेवेन्यू और मुनाफे में बड़ी गिरावट
Meghna Infracon Infrastructure Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने अनऑडिटेड कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) पेश किए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, क्योंकि रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी तिमाही के ₹10.47 करोड़ से 20% घटकर ₹8.43 करोड़ पर आ गया। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Net Profit After Tax) में 63% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो ₹1.53 करोड़ से घटकर ₹0.57 करोड़ रह गया।
कंपनी में हुए बड़े बदलाव
नतीजों के साथ-साथ कंपनी के बोर्ड में भी अहम बदलाव हुए हैं। मिस्टर ईशान विक्रम लोढ़ा ने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-Executive Director) के पद से इस्तीफा देकर कंपनी के नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) का पद संभाला है। इसके अलावा, मिस नायसा विक्रम लोढ़ा को आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, नॉन-एग्जीक्यूटिव कैपेसिटी में एडिशनल डायरेक्टर (Additional Director) के तौर पर नियुक्त किया गया है।
रियल एस्टेट पर बढ़ा फोकस, शेयर ट्रेडिंग बंद
कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से अपनी शेयर ट्रेडिंग (Share Trading) की गतिविधियों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। अब कंपनी का पूरा ध्यान सिर्फ रियल एस्टेट (Real Estate) सेगमेंट पर केंद्रित रहेगा। पहले शेयर्स के रूप में वर्गीकृत इन्वेंट्री को अब निवेश (Investments) के तौर पर री-क्लासिफाई किया गया है। नए CEO और रियल एस्टेट पर इस फोकस के साथ, कंपनी का लक्ष्य इस सेक्टर में अपने ऑपरेशंस और ग्रोथ स्ट्रेटेजी को बेहतर बनाना है।
ऑडिटर्स की चिंता और कंपनी का जवाब
ऑडिटर्स (Auditors) ने मई 2026 तक PF और ESI योगदान से संबंधित वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) में देरी को लेकर चिंता जताई थी, जो EPFO रजिस्ट्रेशन में देरी के कारण हुई थी। हालांकि, कंपनी ने अब अनुपालन शुरू कर दिया है। ऑडिटर्स ने यह भी नोट किया कि इस तिमाही में पिछला शेयर ट्रेडिंग रेवेन्यू एक इंटरनल ट्रांसफर था, न कि ऑपरेशनल इनकम।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण
निवेशक अब नई लीडरशिप में कंपनी की रियल एस्टेट सेक्टर में परफॉर्मेंस और लगातार प्रॉफिट कमाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) का पालन करना भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
