Max Estates ने विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली के नजफगढ़ में 84.7 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। कंपनी यह डील **₹420.23 करोड़** में शेयर स्वैप (share swap) के जरिए पूरा करेगी।
बड़ा विस्तार और प्रोजेक्ट पोटेंशियल
Max Estates लिमिटेड ने नौ लैंड-ओनिंग कंपनियों के अधिग्रहण के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट साइन किया है। यह ट्रांजैक्शन शेयर स्वैप स्ट्रक्चर पर आधारित है, जिसमें कंपनी 70,33,162 शेयर ₹597.50 प्रति शेयर के भाव पर जारी करेगी। इस डील से कंपनी को दिल्ली के नजफगढ़ (सेक्टर 3) में 84.7 एकड़ का विशाल लैंड बैंक मिलेगा। कंपनी यहां 4 से 6 मिलियन स्क्वायर फीट का रेजिडेंशियल या कमर्शियल स्पेस डेवलप करने की योजना बना रही है।
क्यों है यह रणनीतिक कदम?
अब तक Max Estates का मुख्य फोकस नोएडा और गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट पर था, लेकिन इस डील के साथ कंपनी का दिल्ली के 'मास्टर प्लान-2047' के साथ सीधा जुड़ाव हो गया है। यह नेशनल कैपिटल में कंपनी की मौजूदगी को मजबूती देगा और भविष्य के प्रोजेक्ट पाइपलाइन को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
गवर्नेंस और पारदर्शिता
चूंकि यह एक रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन है, जिसमें प्रमोटर ग्रुप से जुड़े नाम (अनिलजीत सिंह और साहिल वचानी) शामिल हैं, इसलिए कंपनी ने पूरी पारदर्शिता बरती है। इसके लिए KPMG Valuation Services LLP से वैल्यूएशन रिपोर्ट और Motilal Oswal Investment Advisors Limited से फेयरनेस ओपिनियन लिया गया है। इस सौदे के लिए अब एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और NSE-BSE की अनुमति जरूरी है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
इन्वेस्टर्स को ध्यान रखना चाहिए कि बड़े स्तर के लैंड डेवलपमेंट में इंफ्रास्ट्रक्चर और जोनिंग अप्रूवल से जुड़े रिस्क बने रहते हैं। इस डील की समय सीमा 9 अक्टूबर, 2026 तक तय की गई है। आने वाले दिनों में EGM नोटिस और स्टॉक एक्सचेंज की रेगुलर फाइलिंग्स पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि ये डील के आगे बढ़ने के मुख्य इंडिकेटर होंगे।
