Max Estates ने दिल्ली के नजफगढ़ में **84.7 एकड़** जमीन हासिल करने का बड़ा ऐलान किया है। कंपनी इस **₹420.23 करोड़** के सौदे को कैश के बजाय शेयर स्वैप के जरिए पूरा करेगी, जिसमें **70 लाख** से ज्यादा नए शेयर जारी किए जाएंगे।
क्या है डील का गणित?
Max Estates ने 24 सितंबर, 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई है। इस बैठक में नजफगढ़, दिल्ली में 84.7 एकड़ जमीन रखने वाली नौ कंपनियों के अधिग्रहण पर मुहर लगाई जाएगी। इस डील की कुल वैल्यू ₹420.23 करोड़ तय की गई है।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी इस सौदे के लिए अपने कैश का इस्तेमाल नहीं कर रही है। इसके बदले में ₹597.50 प्रति शेयर की कीमत पर 7,033,162 नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।
क्यों है यह रणनीतिक कदम?
इस अधिग्रहण के साथ Max Estates पहली बार दिल्ली के मार्केट में कदम रख रही है। नोएडा और गुरुग्राम के बाद अब दिल्ली उनका तीसरा प्रमुख हब होगा। कंपनी का मानना है कि इस जमीन पर ₹10,000 करोड़ से लेकर ₹12,000 करोड़ तक की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) तैयार की जा सकती है। शेयर स्वैप का रूट अपनाकर कंपनी ने अपनी लिक्विडिटी बचाई है, ताकि उस रकम को कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन्स में इस्तेमाल किया जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
इस डील में ₹379.12 करोड़ का हिस्सा 'रिलेटेड-पार्टी' ट्रांजैक्शन से जुड़ा है। अब निवेशकों की नजर 24 सितंबर को होने वाली EGM और स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी पर टिकी है। इसके अलावा, दिल्ली की लैंड-पूलिंग पॉलिसी का सही तरीके से लागू होना इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए सबसे जरूरी शर्त होगी। भविष्य में कंपनी के शेयर अलॉटमेंट और प्रोजेक्ट लॉन्च की टाइमलाइन पर नजर रखना मुनाफे के लिए अहम रहेगा।
