Max Estates ने Q1 FY2027 में दमदार प्रदर्शन करते हुए ₹1,100 करोड़ का प्री-सेल्स दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 5 गुना ज्यादा है। कंपनी ने **487** यूनिट्स बेचीं और अपने कमर्शियल पोर्टफोलियो से लगातार ग्रोथ की उम्मीद कर रही है।
Max Estates के Q1 FY2027 के नतीजे
प्री-सेल्स: ₹1,100 करोड़
बिक्री यूनिट्स: 487
सीधा असर: 'द टेरेसेस' प्रोजेक्ट की बिक्री से प्री-सेल्स और यूनिट बिक्री में बड़ी उछाल, वहीं कलेक्शन थोड़ा कम पर जोखिमों को संतुलित करेगा।
क्या हुआ?
Max Estates ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY2027) के लिए शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹1,100 करोड़ का प्री-सेल्स हासिल किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 5 गुना ज्यादा है। इस दौरान कंपनी ने 487 यूनिट्स बेचीं। इस तिमाही में कलेक्शन ₹500 करोड़ रहा।
प्री-सेल्स में ₹500 करोड़ 'द टेरेसेस' प्रोजेक्ट के फेज 1 की बिक्री से आए, जबकि ₹600 करोड़ अन्य मौजूदा प्रोजेक्ट्स से हासिल हुए। मैनेजमेंट के अनुसार, सालाना कलेक्शन आमतौर पर बिक्री मूल्य का 20-25% होता है, जो कंस्ट्रक्शन के लिए बिना किसी अतिरिक्त कर्ज के फंडिंग सुनिश्चित करता है।
यह क्यों मायने रखता है?
यह प्रदर्शन Max Estates की प्रॉपर्टीज के लिए मजबूत बाजार मांग और प्रभावी बिक्री रणनीति को दर्शाता है। प्री-सेल्स और यूनिट बिक्री में यह बड़ी बढ़ोतरी खरीदारों को आकर्षित करने और बुकिंग में बदलने की कंपनी की क्षमता को उजागर करती है। कलेक्शन, प्री-सेल्स से कम होने के बावजूद, कंपनी की कंस्ट्रक्शन के लिए सेल्फ-फंडिंग की रणनीति के अनुरूप है, जिससे कर्ज का बोझ कम होता है और मुनाफा बढ़ सकता है। पूरी तरह से लीज पर दिया गया कमर्शियल पोर्टफोलियो और भविष्य के प्रोजेक्ट्स राजस्व की निश्चितता प्रदान करते हैं।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी स्पष्ट विस्तार योजना के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। Max Estates का लक्ष्य आवासीय सेगमेंट में सालाना 20 लाख वर्ग फुट और कमर्शियल सेगमेंट में 10 लाख वर्ग फुट का विस्तार करना है। Q2 और Q3 FY2027 में एस्टेट 105 और मैक्स वन जैसे प्रोजेक्ट्स लॉन्च करना इस गति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को Q2 और Q3 FY2027 में आगामी प्रोजेक्ट लॉन्च के क्रियान्वयन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। मजबूत बिक्री की गति, समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी और स्थिर कलेक्शन दरें कंपनी की निरंतर वृद्धि और वित्तीय स्वास्थ्य के प्रमुख संकेतक होंगे।
