Marathon Nextgen Realty के छमाही नतीजे सामने आए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹326.45 करोड़** हो गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹128.11 करोड़** से गिरकर **₹97.62 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे में सुस्ती क्यों?
कंपनी के लिए रेवेन्यू के मोर्चे पर तो अच्छी खबर है, जहां कंपनी ने ₹326.45 करोड़ का आंकड़ा छुआ है (पिछले साल यह ₹257.67 करोड़ था)। लेकिन बॉटम-लाइन यानी नेट प्रॉफिट का ₹97.62 करोड़ पर सिमट जाना चिंता का विषय है। मार्जिन और बढ़ती लागत का असर कंपनी के मुनाफे पर साफ दिख रहा है।
बड़े कॉर्पोरेट फैसले
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट में बदलाव करते हुए Devendra Shrimanker को ऑडिट कमेटी में शामिल किया है। साथ ही, ESOP 2020 स्कीम के तहत 24,005 नए शेयर अलॉट करने को भी मंजूरी दी गई है।
इन्वेस्टमेंट पर लगा 'ब्रेक'
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि बोर्ड ने फिलहाल नए प्रोजेक्ट्स और SPVs में निवेश की योजनाओं को टाल दिया है। कंपनी के पास कुल QIP प्रोसीड्स ₹899.99 करोड़ में से अब तक ₹695.39 करोड़ का इस्तेमाल हुआ है। बाकी पैसा म्यूचुअल फंड, डिबेंचर और बॉन्ड्स में रखा गया है। इसके अलावा, कंपनी की अमलगमेशन (Amalgamation) प्रक्रिया भी जारी है, जिसके लिए 24 सितंबर, 2026 को दूसरा मोशन फाइल किया गया है।
