रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी Man Infraconstruction ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस दी है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **29%** बढ़कर **₹72 करोड़** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **8%** की बढ़त दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Man Infraconstruction (MICL) ने अपनी इन-हाउस EPC एक्सपर्टीज के दम पर मुनाफे के आंकड़े में बड़ी उछाल हासिल की है। कंपनी का रेवेन्यू इस बार ₹218 करोड़ रहा। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत बैलेंस शीट है। जून 2026 तक कंपनी के पास ₹768 करोड़ की नकदी मौजूद है। कुल उधारी केवल ₹78 करोड़ होने के कारण कंपनी को व्यावहारिक रूप से 'नेट डेट-फ्री' माना जा रहा है, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त कर्ज के अपने विस्तार को जारी रख सकते हैं।
भविष्य की योजनाएं (Vision 2031)
कंपनी ने 'विज़न 2031' के तहत ₹35,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) का लक्ष्य रखा है। फिलहाल मुंबई के बांद्रा, तारदेव और मुलुंड जैसे प्रमुख इलाकों में इनके कई प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए 25% से अधिक प्रॉफिट ग्रोथ का गाइडेंस बरकरार रखा है।
क्या है आगे का ट्रिगर?
कंपनी जल्द ही 11 लाख वर्ग फुट का नया इन्वेंट्री मार्केट में उतारने वाली है, जिससे ₹6,600 करोड़ का GDV आने की उम्मीद है। वहीं, EPC डिवीजन के पास भी ₹9,000 से ₹10,000 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है। हालांकि, निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि ये लक्ज़री प्रोजेक्ट्स सेल्स में कितनी तेजी से बदलते हैं, क्योंकि अगले 2 सालों में ₹5,000 करोड़ के प्री-सेल्स का टारगेट पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती और मौका दोनों है।
