Mahindra Lifespace Developers ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹102 करोड़** रहा है, जिसे रेजिडेंशियल सेगमेंट की **66%** बढ़ी प्री-सेल्स यानी **₹1,988 करोड़** से जबरदस्त सपोर्ट मिला है।
मुनाफे का इंजन: रेजिडेंशियल सेगमेंट
कंपनी के लिए यह छमाही काफी मजबूत रही है। जहाँ पिछले साल की इसी अवधि में नेट प्रॉफिट ₹99 करोड़ था, वहीं इस बार यह बढ़कर ₹102 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत दिख रही है, जिसमें नेट डेट टू इक्विटी रेश्यो -0.28 के स्तर पर है।
आक्रामक विस्तार और नई GDV
भले ही इंडस्ट्रियल लीजिंग सेगमेंट में रफ्तार थोड़ी धीमी रही हो, लेकिन कंपनी ने अपनी विस्तार नीति पर कोई समझौता नहीं किया है। इस दौरान कंपनी ने ₹7,100 करोड़ की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) अपने पोर्टफोलियो में जोड़ी है। कंपनी का लक्ष्य कुल GDV को ₹50,000 करोड़ तक ले जाने का है।
आगे की राह और मैनेजमेंट का भरोसा
मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹4,500 करोड़ से ₹5,000 करोड़ का प्री-सेल्स गाइडेंस दिया है। कंपनी आने वाले दिनों में महालुंगे, सांताक्रूज और बोरीवली में कई नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में है। हालांकि, निवेशकों को मार्केट वेलोसिटी और मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि मैनेजमेंट ने वॉक-इन्स में मामूली कमी दर्ज की है। प्रोजेक्ट्स को RERA और अन्य वैधानिक मंजूरियों के मिलने की टाइमलाइन भी आगे के प्रदर्शन के लिए अहम होगी।
