MBL Infrastructure ने दिवालियापन और शोधन संहिता (IBC) के तहत अपने समाधान योजना को अंतिम रूप दे दिया है। कंपनी ने बैंकों को ₹836.74 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। प्रमोटरों ने पूंजी डाली है, जिससे उनकी हिस्सेदारी बढ़कर **74.57%** हो गई है।
IBC समाधान का अंतिम पड़ाव
MBL Infrastructure लिमिटेड ने गुरुवार, 4 सितंबर, 2024 को दिवालियापन और शोधन संहिता (IBC), 2016 के तहत अपनी समाधान योजना को अंतिम रूप देने की घोषणा की है। यह योजना अप्रैल 2018 में NCLT द्वारा मंजूर की गई थी। इस पुनर्गठन के तहत, ₹836.74 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) बैंकों को जारी किए गए हैं। इन NCDs का भुगतान 30 सितंबर, 2024 से शुरू होकर 39 तिमाही किस्तों में किया जाएगा, जिन पर 0.10% का कूपन रेट और 10 साल के अंत में 10% का प्रीमियम देय होगा।
शेयरधारकों के लिए क्यों अहम
IBC समाधान का पूरा होना MBL Infrastructure के लिए एक बड़ा कदम है, जो दिवालियापन की लंबी अवधि के बाद कंपनी को सामान्य परिचालन में लौटने का संकेत देता है। NCDs का जारी होना और प्रमोटरों द्वारा पूंजी निवेश (₹128.19 करोड़ में से ₹111.65 करोड़ पहले ही निवेशित) कंपनी की वित्तीय संरचना को स्थिर करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह डेवलपमेंट शेयरधारकों के लिए अहम है क्योंकि यह प्रभावी ऋण प्रबंधन और परिचालन प्रदर्शन पर निर्भर करते हुए भविष्य के विकास और प्रोजेक्ट निष्पादन का मार्ग प्रशस्त करता है।
कंपनी का सफर
1995 में स्थापित, MBL Infrastructure सड़क, राजमार्ग, भवन, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे जैसे सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी मार्च 2017 में IBC प्रक्रिया में आई थी, और इसकी समाधान योजना को अप्रैल 2018 में NCLT की मंजूरी मिली थी। कंपनी ने 2024, 2025 और 2026 के वित्तीय वर्षों के लिए जो आंकड़े पेश किए हैं, वे इस दिवालियापन प्रक्रिया के कारण तुलनीय नहीं हैं, जो सितंबर 2024 में समाप्त हुई।
आगे क्या बदलेगा?
समाधान योजना के अंतिम रूप लेने के साथ, MBL Infrastructure अब अपने मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। सभी बैंक खातों को अब 'Standard' और 'Regular' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इक्विटी निवेश के बाद प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 74.57% हो गई है। कंपनी की तत्काल प्राथमिकता अपने मौजूदा प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को निष्पादित करना, ₹3,120.68 करोड़ के दावों (जिसमें ₹229.95 करोड़ के मध्यस्थता पुरस्कार शामिल हैं) का प्रबंधन करना और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाना होगा।
ध्यान देने योग्य जोखिम
निवेशकों को IBC प्रक्रिया के कारण पिछले डेटा की वित्तीय तुलनीयता के बारे में सावधान रहना चाहिए। कंपनी का प्रदर्शन नए सरकारी अनुबंध हासिल करने की उसकी क्षमता पर और महत्वपूर्ण रूप से, उसके लंबित दावों को वास्तविक नकदी में बदलने की क्षमता पर निर्भर करता है। पुनर्गठित पूंजी आधार की स्थिरता पर भी नजर रखने की आवश्यकता होगी।
भविष्य पर नजर
निवेशकों को कंपनी की बकाया दावों को वसूलने, नई परियोजनाओं की बोलियां जीतने में सफलता, और मौजूदा ऑर्डर बुक को निष्पादित करने में परिचालन दक्षता की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए। NCDs का प्रदर्शन और पुनर्गठन के बाद बैलेंस शीट की स्थिरता प्रमुख संकेतक होंगे।
