Lemon Tree Hotels: रेवेन्यू में 9% का उछाल, पर डी मर्जर में देरी! जानें पूरी कहानी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Lemon Tree Hotels: रेवेन्यू में 9% का उछाल, पर डी मर्जर में देरी! जानें पूरी कहानी

लेमन ट्री होटल्स ने Q1 FY27 में अपने रेवेन्यू में 9% का शानदार इजाफा दर्ज किया है, जो ₹346.8 करोड़ रहा। हालांकि, कंपनी ने Fleur Hotels के डी मर्जर (Demerger) को बढ़ाकर 2027 के दूसरे हाफ (H2) तक कर दिया है।

लेमन ट्री होटल्स के Q1 FY27 नतीजे

लेमन ट्री होटल्स ने हाल ही में अपने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 9% बढ़कर ₹346.8 करोड़ हो गया है। नेट EBITDA में 14% का उछाल आया और यह ₹162.5 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 19% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹57.3 करोड़ रहा। कैश प्रॉफिट भी 17% बढ़कर ₹96 करोड़ हो गया।

कंपनी की ऑक्यूपेंसी रेट 75.7% रही, जो पिछले साल से 314 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। वहीं, ग्रॉस एवरेज रूम रेट (ARR) 2% बढ़कर ₹6,361 हो गया।

क्या हुआ खास?

लेमन ट्री होटल्स ने Q1 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कुल रेवेन्यू ₹346.8 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 9% अधिक है। नेट EBITDA में भी 14% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹162.5 करोड़ रहा। लेकिन, नेट EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 43.8% रह गया, जो Q1 FY26 में 44.8% था। इसका मुख्य कारण स्टॉक एप्रिसिएशन राइट्स के लिए प्रोविजन और GST इनपुट क्रेडिट का नुकसान बताया गया है।

एक और अहम बात यह है कि कंपनी ने Fleur Hotels के डी मर्जर की समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया है। यह डी मर्जर अब 2027 के दूसरे हाफ (H2) में पूरा होने की उम्मीद है, जो कि रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

क्यों मायने रखती है ये खबर?

रेवेन्यू और प्रॉफिट में हुई बढ़ोतरी कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और विस्तार को दर्शाती है। हालांकि, Fleur Hotels के डी मर्जर में देरी का मतलब है कि अपेक्षित पुनर्गठन और संभावित वैल्यू अनलॉकिंग में और वक्त लगेगा। शेयरधारकों को इस रणनीतिक कदम के पूरे असर के लिए इंतजार करना होगा।

बैकस्टोरी

लेमन ट्री होटल्स अपने एसेट-लाइट मॉडल के साथ-साथ अपने खुद के प्रॉपर्टीज पर भी विस्तार कर रही है। Fleur Hotels के डी मर्जर का मकसद दो अलग-अलग फोकस वाली कंपनियां बनाना था, जिससे मैनेजमेंट और कैपिटल एलोकेशन में विशेषज्ञता आ सके। कंपनी ने अपने कर्ज को भी कम किया है, जो इस तिमाही में 11% घटकर ₹1,475 करोड़ रह गया है।

अब क्या बदलेगा?

डी मर्जर की समय-सीमा बढ़ने के साथ, कंपनी का तत्काल फोकस वर्तमान कॉर्पोरेट ढांचे के भीतर ऑपरेशंस को एकीकृत करने और प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर रहेगा। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक EBITDA मार्जिन को और बढ़ाना है, जिसके लिए रेनोवेशन पर कम खर्च और ARR में सुधार की उम्मीद है। Q1 में लगभग ₹10 करोड़ रेनोवेशन पर खर्च किए गए।

जोखिम:

मुख्य जोखिमों में GST का मार्जिन पर लगातार प्रभाव शामिल है, जिसके लिए रणनीतिक मूल्य निर्धारण समायोजन की आवश्यकता होगी। साथ ही, FY27 में 2,000 कमरे खोलने के लक्ष्य को हासिल करने में एक्जीक्यूशन का जोखिम भी है। डी मर्जर के पूरा होने की समय-सीमा बाहरी रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन है, जो अनिश्चितता पैदा करती है।

आगे क्या देखें?

निवेशक कंपनी की ARR ग्रोथ को लेकर प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे, खासकर कॉर्पोरेट ट्रैवल एनवायरनमेंट के ठीक होने के साथ। नए होटलों के साइनिंग और ओपनिंग के सफल एग्जीक्यूशन पर नज़र रखना, डी मर्जर प्रक्रिया के साथ-साथ महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.