लेमन ट्री होटल्स के FY26 नतीजे
लेमन ट्री होटल्स ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने रिकॉर्ड ₹1,452.7 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 13% ज़्यादा है। वहीं, नेट EBITDA ₹699.3 करोड़ रहा, जिसमें 10% की बढ़ोतरी देखी गई। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 19% बढ़कर ₹288.3 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी की ऑक्यूपेंसी रेट भी 73.5% के मजबूत स्तर पर बनी रही।
मार्जिन पर दबाव और डी-मर्जर का प्लान
हालांकि, रेवेन्यू और प्रॉफिट में अच्छी ग्रोथ के बावजूद, EBITDA मार्जिन में 126 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है और यह 48.1% पर आ गया है। मैनेजमेंट के मुताबिक, यह गिरावट मुख्य रूप से रेनोवेशन पर हुए ज़्यादा खर्च, टेक्नोलॉजी में निवेश और GST से जुड़े बदलावों के कारण है। कंपनी को उम्मीद है कि FY28 तक ये रेनोवेशन खर्चे सामान्य हो जाएंगे।
इसके अलावा, लेमन ट्री होटल्स एक बड़ा कॉर्पोरेट कदम उठाने जा रही है – एक डी-मर्जर (Demerger) स्कीम। इसके तहत कंपनी अपने बिजनेस को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटेगी। पहला हिस्सा, 'लेमन ट्री होटल्स', एक एसेट-लाइट एंटिटी होगी जो होटल मैनेजमेंट और डिजिटल सेवाओं पर फोकस करेगी। दूसरा हिस्सा, 'फ्लेर होटल्स' (Fleur Hotels), एक एसेट-हैवी प्लेटफॉर्म होगा जिसमें ग्रुप के अपने होटल शामिल होंगे। इस डी-मर्जर के बाद, लेमन ट्री के शेयरहोल्डर्स के पास फ्लेर होटल्स का करीब 74% हिस्सा होने की उम्मीद है। इस कदम का मकसद दोनों कंपनियों के लिए अलग-अलग इन्वेस्टमेंट वैल्यू अनलॉक करना है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
FY26 में, लेमन ट्री होटल्स ने अपने कुल कर्ज को पिछले साल के ₹1,699 करोड़ से घटाकर ₹1,500 करोड़ कर लिया है। कर्ज पर लगने वाली ब्याज दर भी 115 बेसिस पॉइंट्स घटकर 7.42% हो गई है।
आगे क्या देखना होगा
निवेशकों की नज़र अब डी-मर्जर की प्रक्रिया पर रहेगी, जिसके लिए SEBI और NCLT से मंज़ूरी की ज़रूरत होगी और इसमें करीब 12-18 महीने लग सकते हैं। साथ ही, रेनोवेशन और नए होटलों की सेटअप लागत कम होने के बाद ऑपरेटिंग मार्जिन का सामान्य होना और रिटेल डिमांड बढ़ाने की स्ट्रेटेजी कितनी सफल होती है, यह देखना भी अहम होगा।
