Lancor Holdings का FY26 का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹40.45 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी ने **₹0.30** प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की है। सुप्रीम कोर्ट में 'Menon Eternity' केस जीतने से कंपनी को बड़ा फायदा हुआ है और अब कंपनी चेन्नई में अपने रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
शानदार फाइनेंशियल नतीजे
Lancor Holdings ने FY26 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए मार्केट को हैरान कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹4.67 करोड़ से बढ़कर ₹40.45 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू 6.89% की बढ़त के साथ ₹205.39 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 122% से ज्यादा बढ़कर ₹74.60 करोड़ दर्ज किया गया। इन नतीजों के दम पर बोर्ड ने ₹0.30 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है, जिस पर मुहर 28 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में लगेगी।
कानूनी जीत और कर्ज में कमी
सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले ने कंपनी की किस्मत बदल दी है। 'Menon Eternity' बिल्डिंग में 4.5 फ्लोर के मालिकाना हक को लेकर चली आ रही कानूनी लड़ाई में कंपनी की जीत हुई है। इसमें से 2.5 फ्लोर की बिक्री से मिली रकम का उपयोग कंपनी अपना कर्ज चुकाने के लिए कर रही है, जिससे बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है।
चेन्नई पर बड़ा दांव
कंपनी अब चेन्नई में रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रही है। यह रणनीति बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसमें जमीन खरीदने की तुलना में कंस्ट्रक्शन कॉस्ट पर ही फोकस करना पड़ता है। इनके प्रमुख प्रोजेक्ट 'Town & Country-Harmonia Pavilion' के 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
जोखिम और रेटिंग
हालांकि सब कुछ अच्छा दिख रहा है, लेकिन मैनेजमेंट ने मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक हालात को लेकर सावधानी बरती है, जिसका असर खरीदारों की डिमांड पर पड़ सकता है। साथ ही, कंपनी पर अभी भी ₹94.99 करोड़ का कर्ज है। वहीं, CARE Ratings ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को 'CARE BB; Stable' और 'CARE A4' पर बरकरार रखा है, जो इसके स्थिर भविष्य की ओर इशारा करता है।
