रियल एस्टेट कंपनी Kolte-Patil Developers के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY26) मिला-जुला रहा। कंपनी के रेवेन्यू में जहां **57%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं **₹2,605 करोड़** की प्री-सेल्स और **₹2,689 करोड़** का कलेक्शन रहा। इसी बीच, दिग्गज कंपनी Blackstone ने **40%** की हिस्सेदारी खरीदकर एक बड़ा दांव खेला है।
Kolte-Patil Developers के नतीजों पर एक नज़र
Kolte-Patil Developers ने FY 2025-26 के लिए अपने स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में पिछले साल के मुकाबले 57% की भारी गिरावट आई है। यह घटकर ₹658 करोड़ रह गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह ₹1,539 करोड़ था। इस गिरावट का मुख्य कारण 'कंप्लीटेड कॉन्ट्रैक्ट मेथड' (CCM) के तहत रेवेन्यू रिकग्निशन में देरी रहा, जो कि मुख्य रूप से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिलने में देरी की वजह से हुआ।
EBITDA और नेट प्रॉफिट में भी गिरावट
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी के EBITDA में 78% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो ₹51 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 95% गिरकर सिर्फ ₹9 करोड़ पर आ गया। कंपनी को इस बार ₹1.97 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल यानी FY 2024-25 में ₹114.65 करोड़ का नेट प्रॉफिट था।
रिकॉर्ड प्री-सेल्स और कलेक्शन
इन वित्तीय नतीजों के बावजूद, कंपनी ने ऑपरेशनल फ्रंट पर शानदार प्रदर्शन किया है। FY26 में प्री-सेल्स वैल्यू ₹2,605 करोड़ रही, जो कि एक रिकॉर्ड है। इसी तरह, कलेक्शन भी ₹2,689 करोड़ के स्तर पर पहुंचा। कंपनी ने 4.6 मिलियन स्क्वायर फीट प्रोजेक्ट लॉन्च किए और एवरेज सेलिंग प्राइस ₹8,314 प्रति वर्ग फुट रहा। कंपनी पर नेट डेट ₹(503) करोड़ है, जो एक मजबूत बैलेंस शीट दर्शाता है।
Blackstone की बड़ी एंट्री
इस दौरान, एक बड़ी और अहम खबर यह है कि ग्लोबल इन्वेस्टर Blackstone ने Kolte-Patil Developers में 40% इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। यह साझेदारी कंपनी के गवर्नेंस को मजबूत करने, कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और लंबी अवधि में वैल्यू बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
रेवेन्यू रिकग्निशन में CCM और OC मिलने में देरी के कारण कंपनी के मुनाफे में उतार-चढ़ाव दिख सकता है। हालांकि, मजबूत प्री-सेल्स और कलेक्शन यह बताते हैं कि कंपनी के प्रोजेक्ट्स की डिमांड अच्छी है। Blackstone जैसी बड़ी इन्वेस्टर की एंट्री भविष्य में ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ा सकती है और कंपनी की ग्रोथ को गति दे सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब OC मिलने की प्रक्रिया पर नजर रखनी होगी, साथ ही यह देखना होगा कि Blackstone के साथ साझेदारी कंपनी के कामकाज को कितना बेहतर बनाती है। अगले तिमाही के नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि यह नई साझेदारी कंपनी के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है।
