Kalpataru Limited ने दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹437 करोड़** के रेवेन्यू पर **₹71 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। हालांकि, कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद मैनेजमेंट ने अपना **₹6,500 करोड़** का प्री-सेल्स गाइडेंस बरकरार रखा है।
तिमाही नतीजों की इनसाइड स्टोरी
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹437 करोड़ रहा है, जबकि नेट लॉस ₹71 करोड़ पर पहुंच गया है। फाइनेंशियल ईयर (FY27) की पहली छमाही (H1) को देखें तो कुल रेवेन्यू ₹909 करोड़ रहा है और कुल नेट लॉस ₹100 करोड़ दर्ज किया गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, मुनाफे में उतार-चढ़ाव 'प्रोजेक्ट कंप्लीशन' अकाउंटिंग मेथड की वजह से है, जो समय-समय पर वित्तीय नतीजों को प्रभावित करता है।
क्यों अहम है यह लक्ष्य?
निवेशकों की नजर कंपनी के ₹6,500 करोड़ के सालाना प्री-सेल्स लक्ष्य पर टिकी है। हालांकि दूसरी तिमाही में प्री-सेल्स में साल-दर-साल 5% की गिरावट देखी गई और यह ₹1,258 करोड़ रहा। लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि दूसरी छमाही (H2) में स्थिति बेहतर होगी। कंपनी अपने कुल सालाना सेल्स का लगभग 60% हिस्सा इसी दौरान हासिल करने की तैयारी में है, जिसके लिए नई लॉन्चिंग और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने का प्लान है।
डेट और ऑपरेशनल हेल्थ
30 सितंबर, 2026 तक कंपनी पर नेट डेट ₹8,323 करोड़ है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.1x पर है। कंपनी ने लागत बढ़ने के असर को कम करने के लिए अपने पोर्टफोलियो में 3% से 5% तक की प्राइस हाइक (मूल्य वृद्धि) लागू की है। तिमाही के दौरान कंपनी ने 1.58 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया की डिलीवरी की है, जिसमें 1,500 यूनिट्स शामिल हैं।
निवेशकों के लिए सावधानी
कंपनी का 2.1x का डेट-टू-इक्विटी रेशियो और अकाउंटिंग के कारण नतीजों में दिखने वाली अस्थिरता उन मुख्य रिस्क फैक्टर्स में से है, जिन पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी चाहिए।
