Justo Realfintech ने FY26 में **₹19.6 करोड़** का मुनाफा कमाया है, जबकि रेवेन्यू **₹91.78 करोड़** रहा। कंपनी अब FY27 में अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद में विस्तार करने की योजना बना रही है।
Justo Realfintech लिमिटेड: FY26 के नतीजे और FY27 की विस्तार योजना
Justo Realfintech Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹19.62 करोड़ का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू ₹91.78 करोड़ रहा।
**क्या हुआ है?
Justo Realfintech ने FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का PAT ₹19.62 करोड़ रहा, जो पिछले साल FY25 के ₹15.03 करोड़ से ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू ₹91.78 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹81.35 करोड़ था। कंपनी ने FY27 के लिए भी गाइडेंस दी है, जिसमें ₹3,400-3,700 करोड़ का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) और ₹24-26 करोड़ का PAT लक्ष्य रखा गया है।
**यह क्यों मायने रखता है?
ये नतीजे टेक-सक्षम रियल एस्टेट मैंडेट बिजनेस के लिए एक मजबूत ग्रोथ को दर्शाते हैं। अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में विस्तार की योजना कंपनी की देश भर में अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने की महत्वाकांक्षा को दिखाती है। निवेशकों की नजर इस विस्तार योजना के अमल पर रहेगी और कंपनी FY27 के लक्ष्यों को कितना पूरा कर पाती है, यह देखना अहम होगा।
**पर्दे के पीछे की कहानी
Justo Realfintech रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए अपनी प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सेल्स वैल्यू चेन को मैनेज करने वाला एक स्ट्रक्चर्ड मैंडेट मॉडल चलाती है। इसकी सब्सिडियरी, Chestertons India, रियल एस्टेट एडवाइजरी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी एसेट-लाइट अप्रोच पर काम करती है।
**अब क्या बदलेगा?
FY26 के नतीजों के साथ, Justo Realfintech FY27 में अपनी विस्तार रणनीति को लागू करने के लिए तैयार है। इसमें नए टियर I शहरों में प्रवेश करना और उच्च GMV और PAT आंकड़े हासिल करना शामिल है। IPO के पैसों का इस्तेमाल करके ₹5 करोड़ के NCDs का पुनर्भुगतान भी वित्तीय स्वास्थ्य पर कंपनी के फोकस को दर्शाता है।
**जोखिमों पर नजर
मुख्य चिंताओं में पुणे और MMR (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) में परिचालन का केंद्रीकरण शामिल है, जहां बाजार में चुनौतियां हैं, जिसमें पुणे में बिक्री की मात्रा में गिरावट भी शामिल है। नए शहरों में विस्तार से निष्पादन (execution) और बाजार में प्रवेश का जोखिम जुड़ा हुआ है। अनुशासित लागत संरचना के बावजूद, खराब ऋण राइट-ऑफ जैसे एकमुश्त खर्चों को नोट किया गया है।
**आगे क्या देखना है?
निवेशकों को अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद में भौगोलिक विस्तार की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही कंपनी की FY27 के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने की क्षमता पर भी ध्यान देना चाहिए। मौजूदा बाजारों में प्रदर्शन और लागत प्रबंधन भी महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
