Justo Realfintech के शानदार नतीजे: FY26 में प्रॉफिट में 30.58% की उछाल!
Justo Realfintech Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने दमदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹91.78 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹81.35 करोड़ की तुलना में 12.82% ज्यादा है।
मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल के ₹15.03 करोड़ से 30.58% की बड़ी छलांग लगाई है और यह ₹19.62 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी को अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी, Chestertons India Private Limited को ₹9.50 करोड़ में कमर्शियल डिवीजन बेचने से ₹0.35 करोड़ का एक असाधारण लाभ भी हुआ है।
क्यों है यह खबर अहम?
ये नतीजे Justo Realfintech के लिए एक सकारात्मक वित्तीय दिशा का संकेत देते हैं। मुनाफे में रेवेन्यू से तेज ग्रोथ दिखाता है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार हुआ है। Chestertons India Private Limited का गठन कंपनी के रियल एस्टेट ऑपरेशंस के भीतर रणनीतिक विस्तार या पुनर्गठन का संकेत हो सकता है।
कंपनी की पिछली परफॉरमेंस
पिछले फाइनेंशियल ईयर, यानी 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वर्ष में, Justo Realfintech ने ₹81.35 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹15.03 करोड़ का PAT दर्ज किया था। इस मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में इस बेस पर मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है।
आगे क्या?
कंपनी ने Chestertons India Private Limited की स्थापना के साथ अपने कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को मजबूत किया है। इसके अलावा, ऑडिटर की नियुक्ति भी की गई है: M/s. Ronak Jhuthawat & Co. को पांच साल के लिए सीक्रेटेरियल ऑडिटर और M/s. SKHD and Associates को अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए इंटरनल ऑडिटर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए खास बातें
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू (FY26): ₹91.78 करोड़ (FY25 में ₹81.35 करोड़) - 12.82% की बढ़ोतरी।
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (FY26): ₹19.62 करोड़ (FY25 में ₹15.03 करोड़) - 30.58% की बढ़ोतरी।
- असाधारण लाभ: ₹0.35 करोड़ (FY26)।
- सब्सिडियरी का गठन: Chestertons India Private Limited का गठन 17 मार्च, 2026 को हुआ।
निवेशकों को अब नई सहायक कंपनी, Chestertons India Private Limited के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए और यह देखना होगा कि यह कंपनी के मुख्य रियल एस्टेट व्यवसाय के साथ कैसे एकीकृत होती है। प्रतिस्पर्धी रियल एस्टेट बाजार में इस ग्रोथ को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
