Interise Trust के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 यानी FY26 शानदार रहा। कंपनी ने पिछले साल के नुकसान से उबरकर इस बार **₹42.16 करोड़** का शानदार मुनाफा (PAT) दर्ज किया है। लागत में कमी और रोड एसेट्स से लगातार आमदनी इसकी मुख्य वजह बनी है।
Interise Trust ने FY26 में कैसे दर्ज किया मुनाफा?
Interise Trust ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पिछले साल जहां ₹71.38 करोड़ का घाटा था, वहीं इस बार कंपनी ने ₹42.16 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया है। यह सब ₹3,651.74 करोड़ के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पर हासिल किया गया है, जो पिछले साल के ₹3,638.72 करोड़ से थोड़ा ज्यादा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भी बढ़कर ₹2,588.56 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹2,478.38 करोड़ था।
यह क्यों मायने रखता है?
मुनाफे में वापसी Interise Trust के लिए एक बड़ी सफलता है। यह दिखाता है कि कंपनी ने लागत कम करने की रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है और अपने एसेट्स से लगातार कमाई जारी रखी है। EBITDA में बढ़ोतरी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का संकेत देती है, जो किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) के लिए बहुत ज़रूरी है, क्योंकि वे अपनी आय के लिए स्थिर कैश फ्लो पर निर्भर करते हैं।
कंपनी की कहानी
Interise Trust के पास 17 बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) और एन्युटी प्रोजेक्ट्स का एक पोर्टफोलियो है, जो 8 राज्यों में फैले 7,300 लेन किलोमीटर के रोड नेटवर्क को कवर करते हैं। रोज़ाना 5 लाख से ज़्यादा पैसेंजर कार यूनिट्स (PCUs) इन सड़कों का इस्तेमाल करती हैं। कंपनी अपनी एफिशिएंसी बढ़ाने और लागत प्रबंधन के लिए AI-संचालित ऑपरेशंस और डिजिटल टोलिंग सिस्टम जैसी डिजिटल पहलों में भी निवेश कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
मुनाफे में वापसी से Interise Trust की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। डिजिटल पहलों पर ध्यान केंद्रित करने से ऑपरेशंस को और सुव्यवस्थित करने और मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। निवेशक अब आने वाले वित्तीय वर्षों में लगातार मुनाफे और ग्रोथ की उम्मीद करेंगे।
जोखिम जिन पर नज़र रखनी है?
निवेशकों को दो मुख्य बातों पर ध्यान देना चाहिए: पहला, भू-राजनीतिक जोखिम जो ग्लोबल ब्याज दरों और उधार की लागत को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे कंपनी की कैपिटल कॉस्ट पर असर पड़ सकता है। दूसरा, MBHPL और IHPL जैसे प्रोजेक्ट्स के कंसेशन पीरियड की समाप्ति भविष्य के कैश फ्लो और इन एसेट्स के लिए एग्जिट स्ट्रेटेजी को लेकर अनिश्चितता पैदा करती है।
मुख्य आंकड़े (समय-सीमा के अनुसार)
FY26 के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹3,651.74 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹3,638.72 करोड़ था। कंसोलिडेटेड EBITDA बढ़कर ₹2,588.56 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹2,478.38 करोड़ था। मैनेजमेंट के तहत संपत्ति (AUM) ₹21,817.9 करोड़ तक पहुंच गई।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को Interise Trust की मुनाफा बनाए रखने की क्षमता, आने वाले कंसेशन एक्सपायरी को संभालने की रणनीति और वैश्विक आर्थिक स्थितियों के उधार की लागत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर नज़र रखनी चाहिए।
