Intelligent Supply Chain Infrastructure Trust ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में अपनी कमाई **3.1%** बढ़ाकर **₹1,379.55 करोड़** कर ली है। हालांकि, कंपनी का कंसोलिडेटेड लॉस बढ़कर **₹118 करोड़** हो गया है। इस ट्रस्ट के पास **68** वेयरहाउस हैं, जिनमें से **60%** स्पेस Reliance Retail Ventures के पास है।
Intelligent Supply Chain Infrastructure Trust FY26 नतीजे
Intelligent Supply Chain Infrastructure Trust के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के नतीजे मिले-जुले रहे। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 3.1% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹1,379.55 करोड़ तक पहुंच गया। पिछले साल यह ₹1,337.88 करोड़ था। कुल इनकम भी ₹1,394.56 करोड़ से बढ़कर ₹1,358.70 करोड़ हो गई।
लेकिन, कंपनी को घाटा भी उठाना पड़ा। FY26 में ₹118 करोड़ का कंसोलिडेटेड लॉस बिफोर टैक्स दर्ज किया गया, जबकि FY25 में यह घाटा ₹96.61 करोड़ था। यह घाटा पिछले साल के मुकाबले 22% ज्यादा है। इस बढ़त का मुख्य कारण नॉन-कैश खर्च, जैसे ₹593.69 करोड़ का डेप्रिसिएशन (Depreciation) और एमोर्टाइजेशन (Amortization), और ₹296.02 करोड़ का फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) रहा।
यह क्यों मायने रखता है?
ये नतीजे बताते हैं कि यह बिज़नेस मॉडल अपनी प्रॉपर्टी से लगातार आमदनी तो पैदा कर रहा है, लेकिन डेप्रिसिएशन और फाइनेंसिंग के भारी खर्च मुनाफे पर भारी पड़ रहे हैं। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि कंपनी घाटे को कैसे मैनेज कर रही है और अपने लोन चुकाने की क्षमता कैसी है। सबसे बड़ी बात, कंपनी का एक ही बड़े ग्राहक पर निर्भर रहना एक बड़ा जोखिम है।
पूरी कहानी
यह ट्रस्ट पूरे भारत में 68 वेयरहाउस चलाता है, जिसका कुल वेयरहाउस स्पेस 13.20 मिलियन वर्ग फुट है। Reliance Retail Ventures Limited (RRVL) इस ट्रस्ट का सबसे बड़ा किरायेदार है, जो कुल वेयरहाउस एरिया का 60% इस्तेमाल करता है। FY26 के दौरान कोई नया वेयरहाउस इन्वेंटरी नहीं जोड़ा गया। ₹52.68 करोड़ (GST छोड़कर) का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) सिर्फ मौजूदा वेयरहाउस को बेहतर बनाने और उनकी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए किया गया था।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी में गवर्नेंस (Governance) के स्तर पर कुछ बड़े बदलाव होने वाले हैं। जुलाई 2025 से मिस्टर राज अग्रवाल CEO और मिस्टर रोशन झा CFO का पद संभालेंगे। अगस्त 2025 से मिस जयंती चौरसिया नैटा कंप्लायंस ऑफिसर (Compliance Officer) होंगी। अप्रैल 2026 में मिस्टर नटराजन तंजोर ज्ञानास्कंदन नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-Executive Director) के तौर पर जुड़े हैं। इससे भी बड़ा बदलाव यह है कि अब अनIt Holders को डिविडेंड (Dividend) हर महीने की बजाय हर तिमाही में मिलेगा, जिसे जून 2025 में मंजूरी दी गई थी।
जोखिम पर डालें नज़र
- एक बड़े ग्राहक पर निर्भरता: Reliance Retail Ventures Ltd. ट्रस्ट के 60% वेयरहाउस स्पेस का इस्तेमाल करती है। अगर RRVL के बिजनेस में कोई बड़ी गड़बड़ होती है या पेमेंट में देरी होती है, तो ट्रस्ट के कैश फ्लो (Cash Flow) पर सीधा असर पड़ेगा।
- रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance): ट्रस्ट को अक्टूबर 2026 तक पब्लिक अनIt Holding को 25% तक बढ़ाना होगा। अगर वे समय सीमा पूरी नहीं कर पाते हैं, तो रेगुलेटरी एक्शन (Regulatory Action) या मार्केट में बिकवाली हो सकती है, जिससे मौजूदा अनIt Holders का वैल्यू कम हो सकता है।
पीयर कम्पेरिजन (Peer Comparison)
एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) के तौर पर, Intelligent Supply Chain Infrastructure Trust कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर (Capital-Intensive Sector) में काम करता है। अन्य रियल एस्टेट InvITs को भी अक्सर भारी डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनके रिपोर्टेड प्रॉफिट को प्रभावित करते हैं। वहीं, रेवेन्यू स्ट्रीम्स आमतौर पर स्थिर रहती हैं, खासकर जब एंकर टेनेंट्स (Anchor Tenants) हों। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग InvIT स्पेस में पीयर्स (Peers) के मुकाबले रेवेन्यू ग्रोथ और बढ़ते घाटे जैसे मेट्रिक्स (Metrics) की तुलना करना जरूरी होगा।
