IndiQube Spaces ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अब तक की सबसे ज्यादा ₹1,469 करोड़ की सालाना कमाई दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 37% ज्यादा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 145% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। ये शानदार प्रदर्शन एंटरप्राइज क्लाइंट्स, खासकर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की मजबूत मांग से प्रेरित है।
IndiQube Spaces Ltd FY2025-26 के नतीजे
IndiQube Spaces ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹1,469 करोड़ का रिकॉर्ड सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के ₹1,076 करोड़ की तुलना में 37% की भारी बढ़ोतरी है। इसके अलावा, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 145% की जोरदार छलांग लगाते हुए ₹125 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹51 करोड़ था। कंपनी की अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) में भी 60% का इजाफा देखा गया और यह ₹301 करोड़ रहा।
क्यों यह मायने रखता है?
यह मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस IndiQube की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में बढ़ती पैठ को दर्शाता है। बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स, विशेष रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) से बढ़ती मांग, जो कंपनी के रेवेन्यू का 56% हिस्सा है, IndiQube की स्ट्रैटेजिक पोजिशनिंग को उजागर करती है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
IndiQube 17 शहरों में 130 सेंटर्स का संचालन करती है, जिसमें कुल 9.66 मिलियन वर्ग फुट की जगह मैनेज की जाती है। कंपनी ने जुलाई 2025 में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) सफलतापूर्वक पूरा किया था, जिससे विस्तार के लिए ₹650 करोड़ जुटाए गए थे।
आगे क्या?
IPO से जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल बैलेंस शीट को मजबूत करने और भविष्य के विकास को गति देने के लिए किया जा रहा है। मजबूत नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जो कंपनी की विस्तार रणनीति और स्केलिंग की क्षमता को प्रमाणित करता है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
ऑडिटर की रिपोर्ट में FY 2024 में ग्राहक बिलिंग और एसेट रिकॉर्ड के लिए सॉफ्टवेयर ऑडिट ट्रेल्स के संबंध में एक समस्या बताई गई थी, हालांकि मैनेजमेंट ने पुष्टि की है कि इसे ठीक कर लिया गया है। पावर और फिट-आउट की लागत में संभावित अस्थिरता भविष्य के मार्जिन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
तुलनात्मक विश्लेषण
मैनेज्ड वर्कस्पेस सेक्टर में IndiQube का फोकस एंटरप्राइज क्लाइंट्स और GCCs पर है, जो इसे अलग बनाता है।
मुख्य आंकड़े (टाइम-बाउंड)
- FY 2025-26 रेवेन्यू: ₹1,469 करोड़ (FY 2024-25 में ₹1,076 करोड़ के मुकाबले, +37%)
- FY 2025-26 EBITDA: ₹301 करोड़ (FY 2024-25 में ₹188 करोड़ के मुकाबले, +60%)
- FY 2025-26 PAT: ₹125 करोड़ (FY 2024-25 में ₹51 करोड़ के मुकाबले, +145%)
- EBITDA मार्जिन: 21% (18% से ऊपर)
- PAT मार्जिन: 9% (5% से ऊपर)
- कुल सेंटर्स: 130
- सीट्स: 214,590
- AUM: 9.66 मिलियन वर्ग फुट
- IPO से जुटाई गई राशि: जुलाई 2025 में ₹650 करोड़
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि IndiQube लागत दबाव का प्रबंधन कैसे करता है, साथ ही टियर 2 शहरों में अपने विस्तार को जारी रखता है और अपनी लाभप्रदता बनाए रखता है।
