IndiGrid Infrastructure Trust: शानदार Q1 नतीजे! रेवेन्यू में **19%** की जोरदार बढ़त, प्रति यूनिट **₹4.12** डिविडेंड का ऐलान

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AuthorNeha Patil|Published at:
IndiGrid Infrastructure Trust: शानदार Q1 नतीजे! रेवेन्यू में **19%** की जोरदार बढ़त, प्रति यूनिट **₹4.12** डिविडेंड का ऐलान

IndiGrid Infrastructure Trust ने Q1 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं, जिसमें कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में **19%** की सालाना बढ़ोतरी के साथ **₹930 करोड़** दर्ज किया गया है। वहीं, EBITDA में **23%** का इजाफा हुआ है और यह **₹860 करोड़** रहा। ट्रस्ट ने प्रति यूनिट **₹4.12** के डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

IndiGrid Infrastructure Trust के Q1 FY27 के दमदार नतीजे

IndiGrid Infrastructure Trust ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने प्रति यूनिट ₹4.12 का तिमाही वितरण (DPU) घोषित किया है, साथ ही पूरे साल के लिए ₹16.48 प्रति यूनिट का DPU गाइडेंस भी दिया है।

ऑपरेशनल रेवेन्यू में 19% की शानदार सालाना बढ़ोतरी देखने को मिली, जो ₹930 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, ऑपरेशनल EBITDA में 23% का उछाल आया और यह ₹860 करोड़ दर्ज किया गया।

कंपनी के पास ₹1,511 करोड़ का कैश बैलेंस है और नेट डेट टू AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) रेशियो 58.5% है। IndiGrid अगले 2 से 4 सालों में ₹10,000 करोड़ से ₹13,000 करोड़ की एसेट पाइपलाइन हासिल करने की योजना बना रहा है।

क्यों है ये मायने रखता है?

ये नतीजे IndiGrid की लगातार ऑपरेशनल एफिशिएंसी और विस्तार की क्षमता को दर्शाते हैं। स्थिर DPU और रेवेन्यू व EBITDA में मजबूत ग्रोथ, कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और शेयरधारकों के लिए रिटर्न की संभावना का संकेत देते हैं। बड़ी एसेट पाइपलाइन भविष्य के ग्रोथ के अवसरों को उजागर करती है, जिसका लक्ष्य अधिग्रहण के माध्यम से NAV में बढ़ोतरी करना है।

आगे क्या उम्मीद करें?

Q1 के मजबूत प्रदर्शन और स्पष्ट एसेट पाइपलाइन के साथ, IndiGrid निरंतर विकास के लिए तैयार है। कंपनी का अनुमान है कि चालू वित्तीय वर्ष में लगभग ₹2,000 करोड़ की एसेट्स जोड़ी जाएंगी। मैनेजमेंट ने लेवरेज 65% के करीब पहुंचने पर पूंजी जुटाने की रणनीति दोहराई है, ताकि लचीलापन बनाए रखा जा सके।

जोखिमों पर नज़र

हालांकि कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है, निवेशकों को नियोजित एसेट अधिग्रहण के क्रियान्वयन पर नजर रखनी चाहिए। मैनेजमेंट ने नए टैक्स सरचार्ज को एक 'नकारात्मक आश्चर्य' बताया है, हालांकि इसका कुल प्रभाव न्यूनतम माना जा रहा है। पाइपलाइन से NAV-एक्रीएटिव एसेट्स का अधिग्रहण जारी रखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.