Hubtown Q1 FY27: मुनाफे में 74% की गिरावट, कंपनी ₹1200 करोड़ जुटाने की तैयारी में

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Hubtown Q1 FY27: मुनाफे में 74% की गिरावट, कंपनी ₹1200 करोड़ जुटाने की तैयारी में

Hubtown Ltd ने Q1 FY27 के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 74% की भारी गिरावट दर्ज की है, जो घटकर ₹17.71 करोड़ रह गया है। कंपनी ₹150 मिलियन (लगभग ₹1200 करोड़) के विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (FCCB) जारी करने की योजना बना रही है।

Hubtown का मुनाफा गिरा, लेकिन फंड जुटाने की योजना

Hubtown Ltd ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की है। यह पिछले साल की समान अवधि में ₹67.31 करोड़ से घटकर ₹17.71 करोड़ रह गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी ₹82.21 करोड़ से गिरकर ₹26.58 करोड़ पर आ गया है।

रेवेन्यू में भी आई कमी

कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू Q1 FY27 में घटकर ₹21.22 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹142.07 करोड़ था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी ₹187.41 करोड़ से घटकर ₹155.62 करोड़ दर्ज किया गया।

ऑडिटर की चिंता और फंड जुटाने की योजना

कंपनी के ऑडिटर ने कुछ इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट पर ₹5.28 करोड़ के ब्याज का प्रावधान न करने पर चिंता जताई है। इस चूक के कारण फाइनेंस कॉस्ट कम और रिपोर्टेड प्रॉफिट ज्यादा दिख रहा है। इस बीच, कंपनी के बोर्ड ने FCCB या इसी तरह के इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए $150 मिलियन (लगभग ₹1200 करोड़) तक की राशि जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड भविष्य के विकास या लिक्विडिटी की जरूरतों के लिए हो सकता है।

कंपनी की स्थिति और आगे की राह

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Hubtown के मैनेजमेंट का कहना है कि इस सेक्टर में मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही एक समान नहीं रहता। कंपनी ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने के लिए लेंडर्स के साथ बातचीत कर रही है। कंपनी ने एक बड़े लेंडर के साथ सेटलमेंट की रिपोर्ट दी है और अन्य के साथ भी मसले सुलझाने को लेकर उम्मीद जताई है।

जोखिम और आगे क्या देखना है

निवेशकों को ऑडिटर की अनप्रोवाइडेड ब्याज वाली योग्यता के समाधान और भविष्य की वित्तीय रिपोर्टिंग पर इसके प्रभाव पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। सब्सिडियरीज के लिए ₹760.40 करोड़ की कॉरपोरेट गारंटी के रूप में मौजूद आकस्मिक देनदारियां भी एक महत्वपूर्ण बिंदु हैं, हालांकि मैनेजमेंट को इनसे कोई दावा न होने का भरोसा है। कंपनी ने फंड जुटाने की शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए एक 'FCCB कमेटी' का गठन किया है।

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